ये हैं ब्लैकमनी को व्हाइट करने के हथकंडे- आप भी देखिये !

नई दिल्ली (20 नवंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात को 500 और 1000 रुपये के नोट इस दावे के साथ चलन से बाहर कर दिए कि इससे ब्लैक मनी पर लगाम लग जाएगा। काफी हद तक ऐसा होता भी दिख रहा है, लेकिन टैक्स चोरी के जरिए कैश जमा करने वालों ने नोटबंदी के असर से बचने के लिए कई 'जुगाड़' भी तैयार कर लिए। देखिये ये हैं वो जुगाड़, जिनसे ब्लैक को व्हाइट मनी बनाने की कोशिशें की गयीं:-

- कैश कुली

यह बात सामने आई कि बहुत से फैक्ट्री के मालिक अपने कर्मचारियों को बैंक की कतारों में लगाकर नोट बदलवा रहे हैं। बहुत से बिजनमैन ने तो इसके लिए कुछ मजदूर भी सिर्फ इसलिए काम पर रख लिए कि 30 दिसंबर से पहले इनके जरिए वह नोट बदलवा सकें। सरकार ने इसी को देखते हुए प्रतिदिन कैश एक्सचेंज सीमा को 4 हजार रुपये से घटाकर 2 हजार रुपये कर दिया।

- महंगी शॉपिंग 

लोग कैश को ठिकाने लगाने के लिए रोलेक्स की घड़ियां और महंगे ब्रांड्स की कई अन्य चीजें खरीदी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोटबंदी वाली रात दिल्ली में एक बड़े ग्लोबल फैशन ब्रैंड का स्टोर में पूरी रात खरीदारी होती रही। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 3 घंटों के भीतर इसमें 1 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई।

- ओल्ड इज गोल्ड

बकई लोग ज्वैलर्स को 500 और 1000 रुपये के नोट में दोगुनी कीमत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि 8 नवंबर को जिन जूलर्स ने दुकाने बंद कर दी थी, उन्होंने दोबारा खोलीं और रातभर खरीद-फरोख्त हुई। बताया जाता है कि दिल्ली और मुंबई के ज्वैलर्स स्टोर में लोग कैश से भरे बैग लेकर पहुंचे। उन्होंने 10 ग्राम सोने के लिए 52 हजार रुपये के दर से भी खरीदारी की।

- किराये के बैंक अकाउंट

कुछ लोग अपनी ब्लैक मनी को दूसरों के अकाउंट में ट्रांसफर कर रहे हैं। अकाउंट होल्डर को इसके लिए लुभावने ऑफर दिए जाते हैं। इस खेल को देखकर सरकार और आयकर विभाग के अधिकारी भी चौकन्ने हो गए हैं। खुद प्रधानमंत्री ने भी रविवार को आगरा में जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों को आगाह किया कि इस तरह के खेल में शामिल न हों।

- टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन

नोटबंदी से यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए सरकार ने छूट दी कि  रेलवे रिजर्वेशन और फ्लाइट बुकिंग काउंटर पर पुराने नोट स्वीकार किए जाएंगे। लेकिन ब्लैक मनी वालों को यहां भी अपने लिए मौका दिख गया। बड़ी संख्या में लंबी दूरी के ट्रेनों में एसी टिकट बुक कराए गए, ताकि बाद में उन्हें कैंसिल कराकर राशि नए नोट में वापस ली जा सके।