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FATF की ब्लैक लिस्ट में जाने से बचा पाकिस्तान, लेकिन ग्रे लिस्ट से नहीं हटेगा नाम

पाकिस्तान के समाचार पत्र के मुताबिक, पेरिस में मंगलवार को आतंकी वित्तपोषण और धनशोधन मामलों की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान की ओर से किए गए उपायों की समीक्षा की गई।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 अक्टूबर): पाकिस्तान के समाचार पत्र के मुताबिक, पेरिस में मंगलवार को आतंकी वित्तपोषण और धनशोधन मामलों की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान की ओर से किए गए उपायों की समीक्षा की गई।  रिपोर्ट में कहा कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंकवादियों के वित्त पोषणा और धनशोधन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि इन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।

एफएटीएफ ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए उसे फरवरी, 2020 तक ग्रे सूची में ही रखने का फैसला किया है। साथ ही एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंकी वित्तपोषण और धनशोधन जैसे मुद्दों से निपटने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब एफएटीएफ पाकिस्तान पर अंतिम फैसला फरवरी, 2020 में करेगी। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा 18 अक्तूबर को होगी।

पाकिस्तान को जून, 2018 में ग्रे सूची में डाला गया था और उसे 27 सूत्रीय योजना को क्रियान्वित करने के लिए 15 महीने की डेडलाइन दी गई थी, जो सितंबर में समाप्त हो गई। एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप  ने माना था कि पाकिस्तान ने यूएनएससीआर 1267 के प्रावधानों को उचित तरह से लागू नहीं किया और वो हाफिज सईद समेत दूसरे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।

ऐसे में उस पर ग्रे सूची से हटाकर ब्लैक सूची में डाले जाने का खतरा मंडरा रहा था। 205देशों के प्रतिनिधियों के अलावा बैठक में अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्वबैंक और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। पाकिस्तान यदि ग्रे सूची में बना रहा, तो उसे मुद्राकोष, विश्वबैंक और यूरोपीय यूनियन आदि से वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल हो जाएगा। 

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