पहली बार शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्‍ट में ट्रस्‍टी बनीं महिलाएं

नई दिल्‍ली (7 जनवरी): महिला के तेल चढ़ाने पर जिस शनि शिंगणापुर मंदिर में बवाल मच गया था, जिसके बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था। उस मंदिर में 400 साल बाद दो महिलाओं को ट्रस्टी बनाया गया है। ट्रस्ट में महिलाओं के आने के बाद महिलाओं ने ऐलान किया है कि अब शनि मंदिर के अंदर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को मिटाना अब उनकी अगली लड़ाई है।

पहली बार ऐसा हुआ है कि जब 11 सदस्यों वाले इस ट्रस्ट में दो पदों पर महिलाओं को जगह दी गई है। बुधवार को सहायक चैरिटी कमिश्नर ने शनि शिंगणापुर मंदिर के 11 ट्रस्टियों के नाम का ऐलान किया गया, जिसमें शालिनी लांडे और अनिता शेटे को अहम पद दिया गया है। बताया जा रहा है शालिनी और अनिता शेटे पूरी तरह से गृहिणी हैं।

दरअसल जब महिला के मंदिर के चबूतरे पर चढ़ने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था, उसके बाद मंदिर की चारों तरफ आलोचना की गई थी। य़हां तक कि महाराष्ट्र विधानसभा में भी प्रमुखता से ये मुद्दा उठाया गया था। महिलाओं ने इसे भेदभाव करार दिया था, वहीं पूरे देश में इसका तीखा विरोध किया गया था।

इस दौरान महिलाओं ने तय किया कि वो मंदिर के ट्रस्ट के लिए दावा ठोंकेंगी। चुनाव में 97 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 10 महिलाएं थीं। कई लोगों ने इसका भी विरोध किया लेकिन महिलाएं अडिग थी और यही वजह है कि मंदिर बोर्ड और कमेटी ने जब 10 महिलाओं का इंटरव्यू लिया तो उसमें ये दोनों महिलाएं योग्य पाई गईं। रिजल्ट घोषित होने से महिलाएं खुश हैं। उन्होंने ऐलान किया है ट्रस्ट की लड़ाई में महिलाएं जीत गईं। लेकिन अब वो महिलाओं के अगले हक के लिए लड़ेंगी ताकि शनि देव के चबूतरे पर भी महिलाओं को जाने और पूजा अर्चना करने का अधिकार मिले।

वीडियो:

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