दुनिया में अपनी तरह का पहला ट्रांसप्लांट ऑपरेशन, मैनहुड पार्ट फिर से पाया

नई दिल्ली (17 मई): कैंसर से पीड़ित अमेरिका के थॉमस मैनिंग का  गुप्तांग (पेनिस) लगभग चार साल पहले उनके शरीर से अलग कर दिया गया था। थॉमस को इससे हमेशा अपने अधूरेपन का अहसास रहने लगा। उसने डॉक्टरों से संपर्क कर इस दिशा में कुछ करने का आग्रह किया। थॉमस का डॉक्टरों से सवाल था कि क्या ट्रांसप्लांट के ज़रिए शरीर के इस अंग की कमी पूरी नहीं की जा सकती। 

मगर अभी तक दुनिया में कहीं भी इस तरह का ट्रांसप्लांट नहीं किया गया था, इसलिए डॉक्टरों को ऑपरेशन को लेकर हिचकिचाहट थी। फिर भी मेसाचुएट्स के जनरल अस्पताल के डॉक्टर कर्टिस सेच्रुलो और डिकेंन एस को ने पंद्रह विशेषज्ञों की एक टीम बनाकर तीन साल तक गहन शोध किया। इंग्लैण्ड के एक डोनर को तलाश किया, फिर 15 घण्टे लगातार चली सर्जरी के बाद थॉमस में पेनिस ट्रांसप्लांट कर दिया।

डॉक्टर कर्टिस सेच्रुलो और डिकेंन एस  को का कहना है कि अपनी तरह का ये दुनिया में पहला ट्रांसप्लांट है। उन्होंन कहा यह सर्जरी सफल रही है। थॉमस बहुत तेजी से रिकवर रहे हैं। कुछ ही दिनों बाद वो सामान्य,और पहले जैसी ज़िंदगी जी सकेंगे।