भारत के पहले मुस्लिम गृह मंत्री थे जम्मू के ये सीएम

कश्मीर (7 जनवरी): मुफ्ती मोहम्मद सईद जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष थे। वे भारत के गृहमंत्री भी रहे। इस पद को धारण करने वाले वे पहले मुस्लिम भारतीय थे।

दूसरी बार बने थे सीएम सईद जम्मू-कश्मीर में दो बार सीएम रहे। वर्तमान समय से पहले वो 2002 में पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार में भी तीन साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। 2014 के चुनावों में वे अनन्तनाग सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हिलाल अहमद शाह को 6028 वोटों के अंतर से हराकर विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद दूसरी बार उन्हें जम्मू-कश्मीर का सीएम बनाया गया।

कांग्रेस से शुरू किया था राजनीतिक करियर मुफ्ती को कश्मीर की राजनीति में एक बड़ा खिलाड़ी माना जाता था। उनका जन्म कश्मीर घाटी के बिजबेहरा में 12 जनवरी 1936 को हुआ था। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया था। 1972 से 1975 के बीच मुफ्ती विधान परिषद में कांग्रेस के नेता थे। 1977 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट भी बने। उन्होंने खुद अपनी किताब में लिखा था कि उन्हें नजरअंदाज कर इंदिरा गांधी ने शेख अब्दुल्ला से समझौता कर लिया था।

वीपी सिंह के नीत जनमोर्चा में हुए शामिल मुफ्ती 1977 में वे अपनी होम सीट बिजबेहरा से हार गए। 1983 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। मुफ्ती वर्ष 1987 तक कांग्रेस के मेंबर थे। साल 1987 में वह कांग्रेस छोड़कर वीपी सिंह की अगुआई वाले नीत जनमोर्चा में शामिल हो गए। इसके बाद वो 1989 में देश के पहले मुस्लिम केंद्रीय गृह मंत्री बने थे।

1999 में की पीडीपी की स्थापना 1999 में कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) बनाई। हालांकि शुरुआत में उन्हें कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली। लेकिन 2008 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 18 सीटों पर जीत हासिल की और कांग्रेस के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई। इसके बाद वो 2002 से 2005 तक सीएम रहे।

2014 में बीजेपी से मिलाया हाथ कांग्रेस के साथ लंबे समय तक राजनीति में रहने के बाद 2014 में उन्होंने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया और गठबंधन की सरकार बनाई। गौरतलब है कि 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद पीडीपी को 29 सीटें मिलीं थीं।