देश के लिए सबसे कम उम्र में फांसी पर चढ़ा था भारत मां का यह लाल

नई दिल्ली (13 अगस्त): हमारा देश वीर सपूतो का देश है, अंगरेजों से आजादी दिलाने के लिए हजारों लोगों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। इन्हीं बहादुर सपूतों में से एक था वीर खुदीराम बोस, जो आज़ादी की लड़ाई में शहीद होने वाला पहला और सबसे कम उम्र का क्रांतिकारी था। खुदीराम महज़ 18 साल की उम्र में ही देश के लिए हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गये थे।

कौन थे खुदीराम... - खुदीराम का जन्म 3 दिसंम्बर 1889 में बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर गांव में हुआ था। - बचपन में खुदीराम के सिर से माता-पिता साया उठ जाने के बाद उनको पालने की जि़म्मेदारी उनकी बड़ी बहन ने उठाई। - स्कूली शिक्षा के समय से ही खुदीराम की राजनैतिक गतिविधियों में रुचि थी, उन्होंने 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। - 1905 में हुए बंगाल विभाजन के बाद वह पूरी तरह से स्वतंत्रता आन्दोलन में कूद पड़े। - स्कूल छोडऩे के बाद वे रेवल्यूशन पार्टी के सदस्य बने। - 6 दिसम्बर 1907 को बंगाल के नारायणगढ़ रेलवे स्टेशन पर किए गये बम विस्फोट की घटना में भी बोस का भी हाथ था। - उसी समय किंग्सफोर्ड नाम का एक मजिस्ट्रेट हुआ करता था, जो क्रांतिकारियों को लेकर काफी कठोर रवैये का था। - इस वजह से क्रांतिकारियों ने उसकी हत्या करने का निश्चय किया।

कैसे दिया घटना हो अंजाम... - किंग्सफोर्ड की हत्या के लिए खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चंद चाकी को चुना गया। - दोनों क्रांतिकारी मुज्जफरपुर में कई दिनों तक एक धर्मशाला में रुक कर हमले के लिए सही समय का इंतज़ार किया। - 30 अप्रैल 1908 की शाम को किंग्सफोर्ड अपनी पत्नी के साथ स्थानीय क्लब में पहुंचे। - उसी समय मिसेज कैनेडी और उनकी बेटी भी अपनी बग्गी में बैठकर क्लब जा रहे थे। - उनकी बग्गी का रंग भी बिल्कुल किंग्सफोर्ड की बग्गी की तरह ही था। - खुदीराम और प्रफुल्ल ने किंग्सफोर्ड की बग्गी समझकर उस पर बम फेंका, जिससे उसमें सवार मां और बेटी की मौत हो गई। - दोनों करीब 25 किलोमीटर भागने के बाद अंग्रेजो के हाथ आ ही गये। - पकड़े जाने पर प्रफुल्ल चाकी ने ख़ुद को गोली मार ली और खुदीराम पर हत्या का मुकदमा चला। - 13 जून को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और 11 अगस्त 1908 को उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया। - इस कच्ची उम्र में भारत मां के इस सच्चे सपूत द्वारा दिए गये बलिदान को युगों-युगों तक याद रखा जायेगा।