मध्य प्रदेश के इस गांव में 40 साल बाद पहली बार होगी किसी बेटी की शादी

नई दिल्ली ( 26 फरवरी ): मध्यप्रदेश के भिंड जिले के गुमरा गांव में चालीस साल बाद किसी बेटी की शादी होगी। गुमरा गांव में जन्म लेने वाली 18 वर्ष की आरती गुर्जर की शादी इस वर्ष दिसंबर के महीने में होगी। आरती की शादी मार्च में तय थी, लेकिन 12वीं की परीक्षा की वजह से शादी को टाल दिया गया है। इस गांव के लोगों की क्रुरता के कारण एक बेटी की शादी देखने के लिए 40 साल इंतजार करना पड़ा।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले का गुमरा गांव भ्रूण हत्या के लिए बदनाम था। इस गांव में लोग बेटियों को कोख में या जन्म के बाद ही मार देते थे जिससे लिंगानुपात काफी बिगड़ गया। साल 2003 से गांव में लिंगानुपात की स्थिती सुधरनी शुरू हुई। सरकार ने यहां कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम, 1994 अच्छी तरह लागू किया। महिला बाल विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गांव में बाल लिंगानुपात 1995 में 10:0 रहा। 2001 में यह 10:2 रहा लेकिन 2011 में हालत सुधरे और बाल लिंगानुपात 10:7 पर पहुंच गया।

आरती शादी के बाद आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहती हैं। आरती ने कहा, मेरी ज्यादा दोस्त नहीं हैं, गांव में मेरी हमउम्र कुछ ही लड़कियां हैं इसलिए मैं अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर देती हूं। मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं और शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखूंगी।

आरती के अलावा गांव में इसी साल एक और लड़की रचना गुर्जर की भी शादी होने वाली है। गांव में इतने दिनों बाद आई इस खुशी के बीच गांव के बड़े-बुजुर्ग इसके पीछे की सच्चाई को छुपाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।