पहली बार एयरफोर्स में शामिल हुई तीन महिला फाइटर पायलट, रचा इतिहास

नई दिल्ली (18 जून): आज का दिन भारतीय वायुसेना के लिए ऐतिहासिक दिनों में से एक है। आज भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट का पहला बैच शामिल हो गया। इसी के साथ भारतीय वायुसेना के इतिहास में ये पहला मौका है जब सुखोई, मिग और जेट जैसे विमान को खतरनाक हथियारों के साथ महिला फाइटर पायलट उड़ाएंगी। ये देश की बेटियों की नई उड़ान होगी।

एयरफोर्स में इतिहास रचने गया है। फ्लाइंग कैडेट्स भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह वायु सेना के इतिहास में नया चैप्टर जोड़ चुकी हैं। इंडियन एयरफोर्स में ज्वाइनिंग के साथ ये पहली वुमन पायलट्स बन गईं हैं जो फाइटर जेट्स उड़ाएंगी। तीनों ने पहले स्टेज की ट्रेनिंग के तहत करीब 150 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी कर ली है। अब वे अगले 6 महीने तक एडवांस्ड फाइटर जेट- ब्रिटेन में बना हॉक एडवांस उड़ाने की ट्रेनिंग लेंगी और फिर स्क्वाड्रन भेजी जाएंगी।

तीनों में एक अवनी मध्य प्रदेश के रीवा से हैं। उनके पिता एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और भाई आर्मी में हैं। भावना बिहार के बेगूसराय की रहने वाली हैं। मोहना गुजरात के वडोदरा की हैं। उनके पिता एयरफोर्स में वारंट अफसर हैं।

अभी तक वायुसेना में महिलाएं केवल ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर ही उड़ा सकती थीं। इसके अलावा महिलाएं प्रशासनिक, एटीसी और शिक्षा विंग में भी काम करतीं थीं। वायुसेना में फिलहाल 1300 महिला अधिकारी है। इनमें से 94 महिला पायलट हैं।