'इंसुलिन की चिंता किए बगैर जीने की आजादी देगा यह उपकरण'

नई दिल्ली (4 अक्टूबर): दुनिया के पहले ऑटोमेटेड इंसुलिन डिलिवरी उपकरण को अमेरिका में मंजूरी दे दी गई है। इस उपकरण को कृत्रिम पैन्क्रीअस कहा जाता है जो खून में शुगर की मात्रा की जांच कर सकता है और नियमित तौर पर इंसुलिन की डोज दे सकता है। मानव पैन्क्रीआस निश्चित दर से इंसुलिन की आपूर्ति करता है। डायबीटीज के मरीजों में शरीर की इंसुलिन उत्पादन की क्षमता प्रभावित हो जाती हैं।

'मिनिमेड 670जी' ऐसे मरीजों के लिए वरदान की तरह है। यह खून में शुगर की मात्रा की अपने आप निगरानी करेगा और इंसुलिन की उचित डोज की आपूर्ति करेगा। अमेरिका के फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इस कृत्रिम पैन्क्रीअस को टाइप 1 डायबीटीज से पीड़ित 14 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। एफडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी जेफ्री शुरेन ने कहा, 'अपने तरह की यह पहली तकनीक है जो टाइप 1 डायबीटीज से पीड़ित लोगों को बार-बार शुगर की मैनुअल जांच और इंसुलिन लगवाने की चिंता किए बगैर जीने की आजादी देगा।'