किसान आंदोलन: मध्य प्रदेश के मंदसौर में फायरिंग, 5 की मौत, 3 घायल

नई दिल्ली ( 6 जून ): मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन ने आक्रामक रूप ले लिया है। पुलिस ने किसानों पर काबू पाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मिली खबर के मुताबिक मंदसौर में किसानों पर फायरिंग हुई है, जिसमें 3 किसान की मौत और 3 किसान घायल हुए हैं।

मंदसौर में किसान आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। पिपलिया मंडी थाने के पास बही में किसानों ने 10 ट्रक और दो बाइक में आग लगी दी। इसके बाद हालत पर काबू पाने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस ने गोलीबारी की। इसमें दो की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए।

मंदसौर के दलोदा में सोमवार रात उग्र किसानों ने रेलवे लाइन की फिश प्लेट उखाड़ दी थी। कुछ लोगों ने रेलवे गेट भी तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मंदसौर में इंटरनेट पर रोक लगवा दी थी। मंगलवार सुबह फिर से किसानों ने उग्र रूप दिखाया।

गोलीबारी में दो की मौत हो गई है, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में कन्हैयालाल पाटीदार निवासी चिलोद पिपलिया एवं एक अन्य है, जबकि बंशी पाटीदार निवासी टकरावद सहित तीन लोग घायल हैं, एहतियातन प्रशासन ने लगभग आधे प्रदेश में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है।

किसानों पर हुई फायरिंग को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा कोई फायरिंग नहीं हुई, फायरिंग की जांच के आदेश दिए गए है। उन्होंने इंटरनेट और कर्फ्यू को लेकर कहा कि न तो सरकार द्वारा इंटरनेट बंद किया है और न ही कर्फ्यू लगा है।

मुख्यमंत्री के साथ हुए भारतीय किसान संघ के लोगों की बेठक के बाद ये एलान किया गया था कि आंदोलन खत्म कर दिया गया। इस बैठक में किसानों की समस्या को लेकर कई मांग की गई थी। लेकिन हुआ यूं कि दूसरी दो संगठन किसान यूनियन और किसान मजदूर  संघ ने आंदोलन जारी करने का एलान किया। इसको लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बैठ्क के बाद ट्वीट करके कहा कि मुझे खुशी है कि किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है।