अमेरिका: प्रदर्शन के दौरान फायरिंग, 5 पुलिसकर्मियों की मौत

नई दिल्ली(8 जुलाई): दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में अश्वेत और पुलिस के बीच एक बड़ी जंग का माहौल बन गया है। अश्वेत को गोली मारने को लेकर पुलिस से नाराजगी है। यहां मिनेसोटा के फिलांदो कास्टले और लुइजीयाना में अस्टोन स्टर्लिंग को डलास पुलिस ने बिना कोई मौका दिए गोली मार दी। 

इन दो घटनाओं के बाद से ही अमेरिका के डलास में बवाल मच गया है। डलास पुलिस के खिलाफ सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए जिसके बाद हिंसा भड़क गई, प्रदर्शनकारियों में से 4 संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग जिससे 5 पुलिसवालों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। डलास पुलिस के मुताबिक दो स्नाइपरों ने पुलिस पर हमला किया। 

दरअसल अमेरिका में अश्वेतों पर हो रहे पुलिस के हमले पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे इसी बीच अश्वेत फिलांदों कास्टले को पुलिस ने गोली मार दी जब वो फाल्कन हाइट्स शहर में ड्राइव कर रहा था। पुलिस की बर्बरता को उसकी दोस्त लेविश ने फेसबुक के जरिए लाइव टेलीकास्ट कर दिया। जिसके बाद से ही हिंसा और भड़क गई। 

लेविश मृतक फिलांदो की दोस्त -पुलिस ने मेरे ब्वॉयफ्रेंड को मार दिया है। वो अपने पर्स से अपनी पहचान पत्र निकाल रहा था। पुलिसवाले के हाथ में बंदूक थी और उसने मेरे ब्वॉय फ्रेंड के हाथ में गोली मार दी। लेविश मृतक फिलांदो की दोस्त-उसने अभी हाथ में गोली मारी है

श्वेत लोगों के मुकाबले अश्वेतों पर 30 फीसदी बल प्रयोग की संभावना ज्यादा पाई गई है। अफ्रीकी-अमेरिकी-हिस्पानवी लोगों की तलाशी 3 फीसदी ज्यादा होती है। अश्वेतों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प थमने का नाम नहीं ले रही पुलिस अभी भी संदिग्धों की तलाश कर रही है, क्योंकि ये भी खबर है कि इन संदिग्धों ने कई शहरों में  बम प्लांट भी किए हैं ऐसे में इस हिंसा पर काबू करना ओबामा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।