गंगा मैली करने पर हो सकती है 7 साल की जेल, है 1000000000 रुपए तक का जुर्माना

नई दिल्ली(12 जून): गंगा नदी को नुकसान पहुंचाना अब लोगों पर भारी पड़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी ने राष्ट्रीय नदी गंगा विधेयक 2017 का मसौदा तैयार किया है। इसके तहत सुझाव दिया गया है कि यदि गंगा की धारा को रोकने, तटों पर अवैध खनन आदि किया जाता है तो सात साल की सजा और 100 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जाए।


- मसौदा तैयार करने वाली कमेटी का नेतृत्व रिटायर्ड जज गिरिधर मालवीय ने किया था। उन्होंने मसौदे के जरिए सुझाव दिया है कि गंगा के एक किलोमीटर के दायरे को जल बचत क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए।


- कमेटी ने यह सुझाव भी दिया है कि बिल पारित किए जाने के बाद छह महीने तक ऐसे क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए।

जल संसाधन मंत्रालय को सौंपे गए मसौदे को बिल का रूप देने के लिए सरकार ने इसे अन्य जानकारों की एक टीम को सौंप दिया है। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड से भी इस बिल को लेकर बातचीत की जाएगी।


- बता दें कि कुछ महीने पहले उत्तराखंड हाइकोर्ट ने गंगा को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। हाइकोर्ट ने गंगा नदी को जीवित मनुष्य के समान अधिकार दिए जाने का आदेश दिया था।