कॉल ड्रॉप पर ट्राई सख्त, लगेगा 10 लाख तक का जुर्माना

नई दिल्ली ( 18 अगस्त ): कॉल ड्रॉप का सामना कर रहे ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। अब भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कॉल ड्रॉप पर अंकुश लगाने के लिए आज कुछ कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत यदि कोई ऑपरेटर लगातार तीन तिमाहियों तक कॉल ड्रॉप के लिए तय मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उस पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

TRAI के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने शुक्रवार को मीडिया से कहा, 'हमने कॉल ड्रॉप के मामले में 1 से 5 लाख रुपये तक के वित्तीय जुर्माने का प्रस्ताव किया है। यह ग्रेडेड जुर्माना प्रणाली है जो किसी नेटवर्क के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।' 

TRAI के कार्यवाहक सचिव एस. के. गुप्ता ने कहा कि यदि कोई ऑपरेटर लगातार तिमाहियों में कॉल ड्रॉप के मानकों को पूरा करने में विफल रहता है तो जुर्माना राशि 1.5 गुना बढ़ जाएगी और लगातार तीसरे महीने में यह दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, अधिकतम जुर्माना 10 लाख रुपये तक रहेगा। इस संशोधन के बाद किसी एक सर्किल में कॉल ड्रॉप मापने की दर सर्किल स्तर से मोबाइल टावर तक अधिक ग्रैनुलर हो जाएगी। 

शर्मा ने कहा, 'कॉल ड्रॉप को मापने को लेकर कई मुद्दे हैं। औसत से कई चीजें छिप जाती हैं। नए नियमों के तहत हम किसी नेटवर्क के अस्थायी मुद्दे पर भी ध्यान देंगे और साथ ही नेटवर्क के भौगोलिक फैलाव को भी देखेंगे।'

संशोधित नियमों के तहत किसी दूरसंचार सर्किल में 90 प्रतिशत मोबाइल साइटें, 90 प्रतिशत समय तक, 98 प्रतिशत तक कॉल्स को सुगम तरीके से संचालित करने में सक्षम होनी चाहिए। यानी कुल कॉल्स में से दो प्रतिशत से अधिक ड्रॉप की श्रेणी में नहीं आनी चाहिए।