Exclusive: जान पर खेलकर ऐसे न्यूज 24 रिपोर्टर ने हनीप्रीत को ढूंढा

विशाल एंग्रीश, चंडीगढ़ (4 अक्टूबर): जिसे 7 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी। जिसे हरियाणा पुलिस के 56 हजार जवान ढूंढ रहे थे, उसे आखिरकार न्यूज़ 24 ने ढूंढ निकाला। राम रहीम की हनीप्रीत सबसे पहले न्यूज़ 24 के कैमरे में कैद हुई। उसने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों पर खुल कर सफाई दी। आखिर हनीप्रीत तक कैसे पहुंचा न्यूज़ 24 इसकी पूरी इनसाइड स्टोरी आपको खुद न्यूज़ 24 के रिपोर्टर विशाल एंग्रीश बताएंगे, जिन्होंने हनीप्रीत की तलाश को अंजाम तक पहुंचाया।

हनीप्रीत मिल तो गई लेकिन हनीप्रीत को ढूंढना और उस तक पहुंचना किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। हमारे रिपोर्टर विशाल एंग्रीश को उसतक पहुंचने के लिए एक बेहद ही खौफनाक सच से गुजरना पड़ा। न्यूज 24 के रिपोर्ट विशाल एंग्रीश ने बताया कि उन्हें एक सूत्र मिला, जिसने दावा किया कि वह हनीप्रीत से मिलवा सकता है। विशाल यह सुनकर भौचक्का रह गए, वह थोड़ा हैरान भी थे क्योंकि वो बड़े ही कॉन्फिडेंस से ये बात बोल रहा था।

विशाल को मिलने का वक्त दिया गया, लेकिन मिलने से ऐन पहले अचानक मुकर गया। ऐसा उस सूत्र ने दो बार किया। फिर अचानक सोमवार रात करीब 8 बजे विशाल का फोन बजा। फोन उसी शख्स ने किया था, जो दो बार अपने वादे से मुकर चुका था। लेकिन उसने फिर दावा किया कि वो हनीप्रीत से मिलवा सकता है और इस बार वो धोखा नहीं देगा।

विशाल ने बताया, ''मुझे जब तीसरी बार उसका फोन आया तो पहले मैंने उसपर यकीन नहीं किया। उसने बार-बार कहा कि इस बार वो पक्का हनीप्रीत ने मिलवाना चाहता है। एक अहम बात उसने मुझसे बोली कि हनीप्रीत भी न्यूज़ 24 के माध्यम से अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देना चाहती है। जब उसने ये कहा तब मुझे लगा कि इस बार ये झूठ नहीं बोल रहा है और मैंने उससे मिलने का समय मांगा।''

विशाल को हनीप्रीत से मिलने का समय मिल गया था। समय था रात 1 बजे। विशाल को उस सूत्र ने रात 1 बजे चंडीगढ़ में एक जगह मिलने बुलाया। विशाल को ये यकीन होने लगा था कि अब हनीप्रीत जल्दी ही न्यूज़ 24 के कैमरे में कैद होगी, लेकिन रात 1 बजे के आगे की कहानी कितनी डरावनी होगी इसका अंदाजा नहीं था।

न्यूज 24 के रिपोर्ट विशाल ने बताया, ''रात 1 बजे जैसे ही मैंने ये वक्त सुना मैं थोड़ा परेशान भी हुआ, लेकिन ये सोचकर कि ये बहुत बड़ी खबर है और दुनिया के सामने हनीप्रीत का आना बहुत जरूरी है मैं तैयार हो गया। रात 1 बजे एक काले रंग की बड़ी गाड़ी मुझे लेने आई। गाड़ी आने पहले मुझे एक फोन आया था, जिसमें मुझे कुछ जरूरी बातें ध्यान रखने के बारे में कहा गया था।''

क्या थी वो जरूरी बातें... - विशाल को कहा गया कि मोबाइल फोन साथ नहीं होना चाहिए - कैमरामैन के पास भी फोन नहीं होना चाहिए, जो कहा जाएगा बिना सवाल किए वो सब करना पड़ेगा

सबसे डरावनी कहानी रात 1 बजे के बाद शुरू हुई। तय समय और तय जगह पर एक कार आई, जिसके सारे शीशे बिल्कुल काले थे। न्यूज़ 24 रिपोर्टर विशाल व कैमरामैन को कार में बिठाया और बिठाते ही दोनों की आंखों में काली पट्टी बांध दी गई। ये सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि विशाल ये तक नहीं देख पाया कि कार में कितने लोग थे। उन्होंने विशाल और कैमरामैन दोनों की आंखों पर काला कपड़ा बांध दिया। उन्होंने फोन लाने के लिए मना किया था, लेकिन विशाल फिर भी फोन ले गए। उन्होंने विशाल का फोन छीन लिया। हमारे कैमरे को भी उन्होंने काले कपड़े से ढक दिया था। दोनों की पूरी तलाशी ली और फिर कार चलने लगी।

कार करीब 40 मिनट तक चलती रही। कहां जा रही थी, कुछ पता नहीं लग रहा था क्योंकि आंखों में पट्टी बंधी हुई थी। कहां जा रहे थे, ये तो पता नहीं लेकिन विशाल ने एक चीज महसूस की। करीब 20 मिनट तक कार प्लेन सड़क पर चल रही थी। उसके बाद रास्ता खराब होने लगा। ऊबड़ खाबड़ रोड शुरू हो गई। ऐसा लग रहा था कि रास्ता कहीं गांव देहात की तरफ जा रहा है या किसी ऐसी जगह जो शहर से दूर है।

करीब 45 मिनट के सफर के बाद एक सुनसान जगह पर कार रूकी, लेकिन विशाल को साफ हिदायत थी कि जब तक बोला ना जाए आंखों से पट्टी ना निकाले और चुपचाप बैठे रहें। करीब 20-25 मिनट विशाल और कैमरामैन आंखों में पट्टी बांधकर ही बैठे रहे। ऐसे लग रहा था जैसे दोनों का किडनेप हो गया हो। 20 मिनट बाद उन्होंने आंखों से कपड़ा हटा दिया। बाहर उतारा तो देखा एक गाड़ी खड़ी थी। दोनों उस कार में जाकर बैठ गए।

आखिरकार वो घड़ी आ गई थी जब हनीप्रीत न्यूज़ 24 के सामने थी। उस कार में हनीप्रीत मौजूद थी। कार की पिछली सीट पर एक महिला भी बैठी हुई थी। हनीप्रीत को पहली नजर देखकर तो यकीन ही नहीं हुआ कि जिसे 7 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी वो न्यूज़ 24 को मिल गई। जिस वक्त रात के अंधेरे में हनीप्रीत न्यूज़ 24 से बात कर रही थी, उस समय कार के बाहर से भी पूरी नजर रखी जा रही थी।

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