अब फरवरी नहीं जनवरी में ही पेश होगा केंद्रीय बजट

नई दिल्ली (21 अगस्त): केंद्रीय बजट कई दशकों से फरवरी के अंतिम दिन पेश किया जाता रहा है, लेकिन इसमें जल्द ही बदलाव आने की संभावना है। सरकार इसे पीछे जनवरी के अंत में लाने पर विचार कर रही है। जिससे नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले बजट संबंधी कार्य पूरे किए जा सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय बजट बनाने के पूरे कार्य को दुरुस्त कर रहा है। इसके तहत रेलवे के लिए अलग बजट पेश किये जाने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है।  - बजट में उत्पाद शुल्क, सेवा कर तथा उपकरों का जिक्र न होने से बजट पत्र थोड़े हल्के हो सकते हैं। - जीएसटी लागू होने पर इन अप्रत्यक्ष करों को उसमें समाहित कर दिया जाएगा। - साथ ही योजना और गैर-योजना व्यय में अंतर समाप्त हो सकता है और इसकी जगह पूंजी और राजस्व व्यय लेगा।  - सूत्रों के अनुसार सरकार का विचार है कि बजट गतिविधियां हर साल 31 मार्च तक समाप्त हो जानी चाहिए।