बचत योजनाओं पर कम ब्याज देने के मूड में जेटली

नई दिल्ली (10 जून): अगर आपने बैंकों में अपना पैसा बचत योजनाओं में लगाया हुआ है तो वित्त मंत्री अरुण जेटली का यह बयान आपके होश उड़ा सकता है। जेटली चाहते हैं कि बैंक बचत योजनाओं पर देने वाली ब्याज दर में कटौती करें ताकि लोगों को कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराया जा सके।

वित्त मंत्री का कहना है कि ऊंची ब्याज दर होने के कारण कर्ज कर्ज महंगा होता है और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होती है। निजी क्षेत्र में निवेश अभी भी गति नहीं पकड़ पाया है। उन्होंने कहा कि सारी आर्थिक गतिविधियों का सार निवेश में है और यह वहां से आता है जहां संसाधन उपलब्ध होते हैं। इनमें से कई सारे माध्यम सुरक्षित निवेश भी हैं जो लोगों को एक बहुत अच्छा मुनाफा (वापसी) देते हैं। यही वह आधार है जिस पर दुनियाभर के पेंशन कोष काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि इन माध्यमों से हम अगले कुछ सालों और दशकों में वृद्धि कर सकते हैं। अधिक से अधिक अवसर हमारे पास आएंगे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा और लंबे समय के निवेश की जरूरत है, ताकि दशकों से व्याप्त बुनियादी ढांचे और औद्योगिकीकरण के घाटे की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा, 'और सभी तरह की गतिविधियों का शुरुआती बिंदु निवेश होना चाहिए। यह संसाधनों को जुटाकर होना चाहिए, यह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से और कभी-कभी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये होना चाहिए, जो यह सुनिश्चत करे कि घाटे की भरपाई हो सके।'