सरकार को विरासत में मिली खराब अर्थव्यवस्था और भ्रष्टाचार: अरुण जेटली

नई दिल्ली ( 1 जून ): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को विरासत में भ्रष्टाचार मिला था, इस वजह तीन साल आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे।

जेटली ने यूपीए सरकार में देश की आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि तीन साल पहले तक देश की अर्थव्यवस्था पर निवेशकों को भरोसा नहीं था, लेकिन मोदी सरकार ने तीन सालों में अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता दोबारा बहाल करने में सफलता हासिल की। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य के मद्देनजर देश की जीडीपी वृद्धि दर बहुत अच्छी है। जेटली ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में 7 से 8 प्रतिशत विकास दर अच्छा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि तीन सालों में भारत आर्थिक रूप से सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बना। उनकी सरकार ने पुरानी अर्थव्यवस्था को बदलने की कोशिश की और गरीबों के विकास के लिए कई कड़े फैसले किए। इसका असर जीएसटी लागू होने के बाद दिखेगा।

जेटली ने कहा कि अब विदेशी निवेशक दोबारा भारत की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार के कड़े और बड़े निर्णय लेने की क्षमता से देश को बहुत फायदा हुआ है। वित्त मंत्री ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे तीन फायदे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी है। भ्रष्टाचार में लिप्त व्यवस्था को बदलने का काम हुआ और बाजार पर चीजों की निर्भरता तय हुई है। जेटली ने कहा कि भ्रष्टाचार की संभावना खत्म की गई और ऐसा माहौल तैयार किया गया कि विकास हो सके।

जेटली ने कहा कि एफडीआई रिफाॅर्म का बड़ा असर हुआ और भारत सबसे ज्यादा विदेश निवेश पाने वाला देश बना। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से आयकर देने वालों की संख्या बढ़ी।