FILM REVIEW: जानिए, कैसी है- ‘बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन’

नई दिल्ली (5 अगस्त): बॉलिवुड में बायोपिक फिल्मों का चलन कोई नया नहीं है। लेकिन हाल में इन फिल्मों को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक होने लगी है। ऐसी फिल्मों को दर्शक भी खूब पसंद कर रहे हैं। शुक्रवार को भी एक बायोपिक फिल्म रिलीज हुई। ये फिल्म है- बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन। फिल्म की कहानी सबसे कम उम्र के मैराथन रनर पर आधारित है। जिसने कुछ साल पहले खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

आइए आपको फिल्म के बारे में बताते हैं। तो फिल्म की कहानी में दो लीडिंग करेक्टर्स हैं- बुधिया सिंह (मयूर पटोले) और उसके कोच बिरंची दास (मनोज बाजपेयी)।  बुधिया के साथ-साथ बिरंची की भी कहानी चलती है। दो व्यक्तियों के आपसी भरोसे और संघर्ष की कहानी रोमांचक और मनोरंजक तरीके से आगे बढ़ती है। साथ ही दर्शकों को प्रेरित करने की भी कोशिश करती है।

फिल्म की कहानी में बुधिया को मैराथन दौड़ाने के लिए उनके कोच बिरंची दास बहुत अच्छे ढंग से तैयार करते हैं। फिल्म में बुधिया के बिरंची से मिलने की कहानी भी दर्शकों को बांध के रख सकती है। फिल्म दिखाती है कि कैसे बिरंची बुधिया को स्लम एरिया से निकालकर एकेडमी में प्रैक्टिस करवाता है।

बुधिया ने फिल्म में 5 साल की उम्र में 48 मैराथन दौड़ने का कीर्तिमान बनाया हैं। फिर कहानी में एक नया मोड़ आता है जब इस पर राजनिति के रंग पड़ते हैं उसके बाद फिल्म का अंत होता है जो बहुत ही दिलचस्प है।

फिल्म की स्क्रिप्ट काफी इमोशनल रखी गई है। जो दर्शकों को सोचने के लिए मजबूर भी करती है। फिल्म में एक्टिंग की अगर बात की जाए तो मनोज बाजपेयी हमेशा की तरह इस बार भी अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। बुधिया के कोच के तौर पर उन्होंने यादगार अभिनय किया है। बुधिया के किरदार में मयूर ने भी काफी गहरी छाप छोड़ी है। 

अगर फिल्म के संगीत की बात की जाए तो कहानी के हिसाब से इसका संगीत बिल्कुल सटीक है। गाने भी दिल को छू लेने वाले हैं। दर्शकों को फिल्म की रफ्तार थोड़ी असंतुष्ट कर सकती है।