मुश्किल में 'इंदु सरकार', कांग्रेस ने की स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग

मुंबई (8 जुलाई): डायरेक्टर मधुर भंडारकर की बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘इंदु सरकार’ विवादों में घिरती नजर आ रही है। इमर्जेंसी पर आधारित इस फिल्म की कांग्रेस नेताओं ने  स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग की है। दरअसल, इस फिल्म की पृष्ठभूमि 1975 इमरजेंसी के दौर की है। ट्रेलर देखने से पता चल रहा है कि फिल्म ‘इंदु सरकार’ के दो मुख्य किरदार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पुत्र संजय गांधी से मिलते जुलते या यूं कहें कि उनपर पर आधारित दिख रहे हैं। कांग्रेस को फिल्म को लेकर आशंका है कि इससे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी की छवि खराब हो सकती है।

पहले मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और अब कांग्रेस के बड़े नेता। यहाँ तक महाराष्ट्र विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विरवे पाटिल ने इस मामले में खासी दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने इस फिल्म के बारे में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

वहीं मधुर भंडारकार का कहना है कि फिल्म इंदु सरकार की कहानी आपातकाल पर आधारित है, ये सही है लेकिन फिल्म 70 फीसदी फिक्शन है और 30 फीसदी रियलिटी।

बताया जा रहा है कि फिल्म ‘इंदु सरकार’ में नील नितिन मुकेश का किरदार संजय गांधी जैसा है, जबकि सुप्रिया विनोद का करेक्टर इंदिरा गांधी से काफी कुछ मिलता-जुलता है। हालांकि फिल्म की कहानी का मुख्य केंद्र कीर्ति कुल्हरी का अहम किरदार है। वहीं दिग्गज कलाकार अनुपम खेर भी फ़िल्म में अहम भूमिका में हैं। यह फ़िल्म इसी महीने 28 तारीख को रिलीज होने वाली है।