फिल्म अभिनेता गिरीश कर्नाड का लंबी बीमारी के बाद निधन

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जून): टाइगर जिंदा में अभिनेता सलमान खान को अलग-अलग मिशन पर भेजने वाले अभिनेता गिरीश कर्नाड का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वह पिछली काफी समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

गिरीश कार्नाड का जन्म 19 मई, 1938 माथेरान, महाराष्ट्र में हुआ था। गिरीश भारत के जाने माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार हैं। कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा दोनों में इनकी लेखनी समानाधिकार से चलती है। 1998 में ज्ञानपीठ सहित पद्मश्री व पद्मभूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों के विजेता कार्नाड द्वारा रचित तुगलक, हयवदन, तलेदंड, नागमंडल व ययाति जैसे नाटक अत्यंत लोकप्रिय हुये और भारत की अनेकों भाषाओं में इनका अनुवाद व मंचन हुआ है। प्रमुख भारतीय निदेशको - इब्राहीम अलकाजी, प्रसन्ना, अरविन्द गौड़ और बी.वी. कारंत ने इनका अलग- अलग तरीके से प्रभावी व यादगार निर्देशन किया हैं।

ग‍िरीश कर्नाड को 1978 में आई फिल्म भूमिका के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। उन्हें 1998 में साह‍ित्य के प्रत‍िष्ठ‍ित ज्ञानपीठ अवॉर्ड से नवाजा गया था. ग‍िरीश कर्नाड ऐसे अभ‍िनेता हैं ज‍िन्होंने कर्मश‍िल स‍िनेमा के साथ समानांतर स‍िनेमा के ल‍िए भी जमकर काम किया। कर्नाड के निधन से स‍िनेमा और साह‍ित्य जगत में शोक की लहर है. गिरीश ने कन्नड़ फिल्म संस्कार(1970) से अपना एक्टिंग और स्क्रीन राइटिंग डेब्यू किया था. इस फिल्म ने कन्नड़ सिनेमा का पहले प्रेजिडेंट गोल्डन लोटस अवार्ड जीता था। बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म 1974 में आयी जादू का शंख थी. गिरीश कर्नाड को सलमान खान की फिल्म एक था टाइगर और टाइगर ज़िंदा है के लिए जाना जाता है। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड फिल्म निशांत (1975), शिवाय और चॉक एन डस्टर में भी काम किया था।