15 साल की रेप पीड़िता को 7 महीने की प्रेग्नेंसी, डॉक्टर बनने का सपना लिए हॉस्पिटल में भी कर रही पढ़ाई

नई दिल्ली(16 सितंबर): वह सिर्फ 15 साल की है। सातवीं की छात्रा है। शुरू से पढने में तेज रही है और ख्वाब रहा है डॉक्टर बनने का। 

- इरादा तो अब और मजबूत हो गया है। साढ़े सात महीने पहले उसकी कॉलोनी के ही स्कूल में पढ़ने वाले नाबालिग ने उससे ज्यादती की थी। डर के मारे उसने किसी से इसका जिक्र भी नहीं किया। घटना का पता एक महीने पहले ही तब लगा, जब उसे पेट में तेज दर्द उठा। घरवाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट आई तो सब चौंक गए। वह प्रेग्नेंट थी। घटना सामने आने के बाद आरोपी को अगले दिन ही पुलिस ने अरेस्ट कर सुधार गृह भेज दिया। 

- पिछले एक हफ्ते से सिविल अस्पताल में डॉक्टर ऑपरेशन के जरिए डिलिवरी की तैयारी कर रहे हैं।

- ऐसी हालत में भी लड़की रोज पांच से छह घंटे पढ़ाई कर रही है। उसके सिरहाने दवाएं भी रखी हैं और किताबें भी।

- विक्टिम चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है। पिछले एक हफ्ते से वह सिविल अस्पताल में एडमिट है। जब यहां लाई गई थी, तब उसका हीमोग्लोबिन लेवल सिर्फ 7 ग्राम था।

- खून बढ़ाने के इंजेक्शन दिए गए। अब जाकर लेवल 8 तक पहुंचा है। उसे अलग वार्ड में रखा गया है। मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए मनोचिकित्सक को बुलाया जा रहा है।

- हालांकि, डॉक्टर यह भी कहते हैं कि वह पहले से ही मजबूत है। घरवालों से कब कहकर उसने अपनी किताबें मंगवा लीं, पता नहीं चला।

- लड़की अपनी बात कहते हुए हल्की मुस्कान के साथ कहती है- "जब मैं 5-6 साल की थी तो बाबा (दादा) बीमार रहते थे। डॉक्टर दवा लिखकर देते तो वे नहीं लेते। यह देख मैं बाबा को झाडू की सींक से डराती थी कि दवा नहीं ली तो 

- ''डॉक्टर के इंजेक्शन से लोग इतना डरते हैं, यही देखकर मैं सबसे कहती थी कि देखना मैं बड़ी होकर डॉक्टर ही बनूंगी।''

- रेप की घटना का जिक्र आने पर कहती है कि जो हुआ, वो हो चुका है। इसकी वजह से मैं अपना सपना नहीं टूटने दूंगी।

- बच्ची का इलाज कर रहीं डॉक्टर प्रियंका कहती हैं- "अबॉर्शन पॉसिबल नहीं था। डिलिवरी के लिए ऑपरेशन किया जा सकता है।