फीफा कप: कहीं इनकी हरकतें टीमों पर न पड़े भारी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून): कल यानि कि 14 जून से रुस में फीफा विश्व कप का आगाज होने जा रहा है। फीफा कप के लिए दुनिया भर के फैंस काफी उत्सुक दिखाई दे रहै हैं। क्योंकि इस दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कई फुटबॉलर अपने आक्रामक खेल के कारण अपनी टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। इस विश्व कप में शामिल अर्जेंटीना, स्पेन सहित अन्य टीमों में कई ऐसे फुटबॉलर खेल रहे हैं, जिनकी हरकतें पिछले चार वर्षों के दौरान अच्छी नहीं रही है। पीला और लाल कार्ड देखने के कारण कई मैचों में उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा है। चलिए अब आपको सिलसिले बार तरीके से बताते हैं कि किस टीम ने कब क्या गलत हरकत की।1962 विश्व कप : सैंटियागो की लड़ाईजानकारी के लिए आपको बता दें कि फीफा विश्व के इतिहास का सबसे हिंसक मुकाबला दो जून, 1962 को चिली व इटली के बीच खेला गया. इस मैच को 'सैंटियागो की लड़ाई' करार दिया गया, दोनों टीमों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। रेफरी केन एस्टन ने दो खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भेज दिया, जिन्होंने बाद में पीले और लाल कार्ड का आविष्कार किया. दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव था। चिली विश्व कप की मेजबानी कर रहा था और इटली के पत्रकारों ने सैंटियागो शहर की लाचार स्थिति की आलोचना की थी।1982 विश्व कप : पंच मार दांत तोड़ दियावेस्ट जर्मनी के हेराल्ड शूमाकर के बदनाम फाउल के लिए जाना जाता है। जर्मनी और फ्रांस के बीच 1982 विश्व कप के सेमीफाइनल मैच में वेस्ट जर्मनी के गोलकीपर हेराल्ड शूमाकर ने पैट्रिक बैटिसटन को जोरदार पंच मारकर मैदान पर ही गिरा दिया। शूमाकर के हवा में उछल कर पंच मारने के बाद बैटिसटन मैदान पर ही गिर गये। उनके तीन दांत टूट गये, हड्डियों में चोट आयी। उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान के बाहर ले जाया गया और करीब आधे घंटे तक वह बेसुध रहे। शूमाकर को इसके लिए रेफरी ने येलो या रेड कार्ड नहीं दिखाया।2006 विश्व कप : सिर से मार कर गिरायाफ्रांस के जिनेदिन जिदान ने नौ जुलाई, 2006 को इटली के मार्को मातेराजी को सिर से मारकर मैदान पर गिरा दिया. इसके बाद रेफरी ने उन्हें लाल कार्ड दिखा कर मैदान से बाहर कर दिया. वह विश्व कप इटली की जीत से ज्यादा जिदान के उस 'हेडबट' के लिए जाना जाता है।2014 विश्व कप:फीफा विश्व कप में विवाद सिर्फ कंधे पर किक या हेडबट तक ही सीमित नहीं रहा। इसमें दांतों से काटना भी शामिल है.  2014 फीफा विश्व कप ने अपनी अलग पहचान इस घटना के कारण बनायी. इटली और उरुग्वे के बीच 24 जून, 2014 को ग्रुप मैच खेला जा रहा था। मैच के 79वें मिनट में उरुग्वे के स्ट्राइकर लुईस सुआरेज का इटली के डिफेंडर जिर्योजियो छिलेनी से पेनाल्टी क्षेत्र के पास विवाद हुआ। सुआरेज विरोधी डिफेंडर से भिड़ गये और फिर उन्होंने छिलेनी के कंधे पर काट लिया। रेफरी मार्को रॉड्रिग्ज ने यह घटना ध्यान से नहीं देखा और इटली को सिर्फ फ्री किक दे दी।