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आखिर दिवाली पूजा में खील-बताशे का क्यों लगाया जाता है भोग? इसके पीछे हैं ये बड़ी वजह

दिवाली के त्योहार को कुछ दिन बचे है और इसकी धूम पदेश भर में देखी जा रही है। लोगों के चहरे पर अभी से त्योहार की रौनक देखी जा रही है। दिवाली मनाने के पीछे की वजह भी बड़ी है। कहा जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। इसी खुशी में दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (27 अक्टूबर):   दिवाली के त्योहार को कुछ दिन बचे है और इसकी धूम पदेश भर में देखी जा रही है। लोगों के चहरे पर अभी से त्योहार की रौनक देखी जा रही है। दिवाली मनाने के पीछे की वजह भी बड़ी है। कहा जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। इसी खुशी में दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का विधान है और इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

इस बार दीपावली 27 अक्तूबर को मनाई जाएगी। दीपावली का त्योहार घर में सुख समृद्धि और खुशहाली लाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद रावण वध करके वापस अयोध्या लौटे थे। इसी खुशी में दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। 

दिवाली के दिन हर घर में लक्ष्मी मां की पूजा की जाती है। इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं। जिनके स्वागत के लिए हर कोई अपने घर को रोशनी से सजाता है। लक्ष्मी पूजन के दौरान सबसे मुख्य बातें होती है प्रशाद.. इसका हमें पूरा ध्यान रखना चाहिए। पूजा की थाली में खील-बताशे जरुर रखे जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी को पूजा में खील बताशे ही चढ़ाए जाते है? आइए आपको इसके पीछे की बड़ी वजह बताते है । 

खील धान से बनते हैं जो चावल का ही एक रूप है। जिसका मतलब यह हुआ कि खील चावल से बनती है। दीपावली आने से कुछ समय पहले यही फसल तैयार होती है। मां लक्ष्मी को इस फसल के पहले भोग के रूप में खील-बताशे चढ़ाए जाते हैं। 

मां लक्ष्मी की पूजा खील बताशे से करने के पीछे ज्योतिषीय कारण भी है। दीपावली का त्योहार धन और वैभव का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में धन और वैभव का देवता शुक्र ग्रह को माना जाता है। सफेद और मीठी चीजें शुक्र का प्रतीक मानी जाती हैं। यदि किसी व्यक्ति का शुक्र कमजोर है तो वो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करके भी शुक्र को अपने अनुरुप कर सकता है। राशि में बैठे शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए लक्ष्मी को खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

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