नए साल पर देश के किसानों को मोदी देंगे ये तोहफा

नई दिल्ली (19 नवंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल पर देश के किसानों को एक बड़ा तोहफा देने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार अगले महीने से पांच और राज्यों में उर्वरक सब्सिडी लाभार्थियों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिये डालेगी। इसके साथ ही इसके तहत आने वाले राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर 19 हो जाएगी।

उर्वरक मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। इस योजना की शुरुआत पिछले महीने में 14 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में की गई थी। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, असम, मिजोरम, दमन एवं दीव, दादर नागर हवेली, अंडमान निकोबार, दिल्ली और पुडुचेरी शामिल थे। सरकार किसानों को सस्ते उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सालाना 70,000 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का बोझ उठाती है।

उर्वरक मंत्रालय के संयुक्त सचिव धर्मपाल ने बताया कि उर्वरक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण 14 राज्यों में सहज तरीके से काम कर रहा है। हमने पांच बड़े राज्यों पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश को चुना है। इनमें दिसंबर से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर अब गुजर चुका है। सॉफ्टवेयर बेहतर तरीके से काम कर रहा है। दिक्कतों की पहचान क्रियान्वयन के साथ कर ली गयी थी और हम रोजाना आधार पर उसमें सुधार कर रहे हैं।

पाल ने कहा कि नीति आयोग ने क्रियान्वयन का आकलन करने के लिए माइक्रोसेव एनजीओ को नियुक्त किया है। दिक्कतों को हमारे संज्ञान में लाया जा रहा है और हम उन्हें सही कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे शेष 12 राज्यों में उर्वरक डीबीटी की शुरुआत जनवरी 2018 में की जाएगी। संयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार अभी इसके पहले चरण को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके तहत हम पॉइंट ऑफ सेल मशीनों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कंपनियों को लाभ का हस्तांतरण कर रहे हैं। किसानों को पॉइंट ऑफ सेल मशीन के जरिये छूट की कीमत पर ही खरीद के लिए उपलब्ध होगा।