बिना ड्राइवर दिल्ली में दौड़ेगी ये मेट्रो, देखें... अंदर का कलरफुल नजारा

नई दिल्ली (7 अप्रैल): दिल्ली मेट्रो अपने थर्ड फेज में बिना ड्राइवर के ही पटरियों पर दौड़ती दिखेगी। दिल्ली के मुकुंदपुर में इसका टेस्ट सक्सेसफुल रहा है। इस टेस्ट रन में कई ट्रेनें शामिल की गई हैं।   डीएमआरसी के प्रवक्‍ता अनुज दयाल के मुताबिक, फेज तीन के लिए जिन ट्रेनों को खरीदा गया है, वे बिना ड्राइवर के हैं। फिलहाल दिल्ली मेट्रो ने दक्षिण कोरिया से 20 ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनें मंगाई हैं। शुरुआत में ट्रेन में स्टाफ मौजूद रहेंगे, लेकिन धीरे-धीरे उन्‍हें हटा दिया जाएगा और ट्रेनें बिना ड्राइवर के चलेंगी। तीसरे फेज में चलने वाली सभी मेट्रो 6 कोचेज की होगी।

तीसरे फेज की मेट्रो कई मायनों में होगी अलग थर्ड फेज में चलने वाली ट्रेनें तकनीकी रूप से भी अलग होंगी। इसकी स्पीड पहले के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा होगी। इसके अलावा इनके अंदर का लुक भी बदला हुआ नजर आएगा। हर कोच में अलग-अलग रंग के सीट होंगे। लेडीज कोच की सीट्स पिंक कलर में रखी गई हैं। जबकि नॉर्मल कोच में ब्लू, रेड और ऑरेंज कलर की सीट होंगी। इनके अंदर जगह ज्यादा होगी। यही नहीं अंदर एलसीडी स्क्रीन भी लगे होंगे। जो आपको आने वाले स्टेशन और ट्रेन रूट की जानकारी देंगे।

दक्षिण कोरिया से आईं ट्रेनें दिसंबर में दक्षिण कोरिया से पांच ट्रेनों की पहली खेप मुकुंदपुर डिपो पहुंची। तीन और ट्रेनों के आने की बात कही जा रही है।

इन रूटों पर चलेंगी ट्रेनें थर्ड फेज में इन ट्रेनों को मजलिस पार्क-शिव विहार और जनकपुरी पश्चिम-बॉटनिकल गार्डन के रूट पर चलाया जाएगा।

क्या है तकनीक अब तक पटरियों पर दौड़ रही मेट्रो रेल एटीपी से संचालित होती हैं। जिसकी वजह से कई लाइन में अक्सर सिग्नल प्रॉब्लम रहती थी, जिसके चलते स्पीड के साथ ट्रेन पहुंचने में देरी होती थी। डीएमआरसी का दावा है कि कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी) तकनीक के आ जाने से सब खामियां दूर हो जाएंगी।

लेकिन अब सीबीटीसी से ट्रेन को कंट्रोल किया जाएगा। स्पीड के साथ-साथ फ्रीक्वेंसी बढ़ाने में सबसे अधिक मददगार साबित होगा, इसमें स्पीड पूरी तरह से सेट होगी। दिल्ली से पहले दुनिया के कई शहरों में बिना ड्राइवर वाली ट्रेन चल रही है।