मारे गए आतंकी को साथियों ने AK-47 से दी सलामी


नई दिल्ली(8 मई): दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों का एक समूह अपने साथी को दफनाए जाने के समय मौजूद रहा और उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर उसे सलामी दी।


- कुलगाम के कैमोह इलाके का रहने वाला फैयाज अहमद उर्फ सेठा को दफनाए जाने के दौरान यह घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार फैयाज हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी था और वह पुलिस के जवाबी हमले में मारा गया। उसके पास से हैंड ग्रैनेड और अन्य हथियार बरामद किए गए।


- पुलिस ने बताया, 'पिछले दो वर्षों से हिजबुल का यह आतंकी सक्रिय था और युवाओं को बरगलाने का प्रयास करता रहता था। वह आतंकियों की मदद करता था और उन्हें हथियार भी मुहैया कराता था।'


- शनिवार को हमले में दो नागरिक और एक पुलिसकर्मी भी मारा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी को दफनाए जाने के दौरान भीड़ में कम से कम 4 आतंकवादी दिखाई दिए और उन्होंने अपनी AK राइफल से हवा में गोलियां चलाकर मारे गए आतंकवादी को 'सलामी' दी।


- 30 साल के आतंकी फैयाज ने पुलिस पर हमला करके एके-47 छीनने की कोशिश की थी और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। 5 अगस्त 2015 को बीएसएफ के जवानों पर हुए हमले का वह मुख्य आरोपी था। इस हमले में 13 जवान घायल हुए थे। फैयाज काफी समय से फरार था। उसकी मैयत में सैकड़ों लोग मौजूद थे और समर्थकों ने भारत विरोधी नारे भी लगाए।


- यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के सफाए के लिए पड़ोसी शोपियां जिले में बड़ा अभियान चलाया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल में आतंकवादी को दफनाए जाने के दौरान साथी आतंकवादियों के मौजूद रहने की घटनाएं देखी गई हैं जो एक चिंताजनक माना जा रहा है।