लाचार बाप को बेटी का शव ले जाने के लिए मांगनी पड़ी भीख

नई दिल्ली (9 सितंबर): उड़ीसा के बाद अब उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में मानवता को शर्मशार करती एक ऐसी तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर ने पूरे समाज और सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां बुखार से तपती बेटी ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। लेकिन गरीब बाप के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो शव को ले जाने के लिए कोई वाहन किराए पर ले सके।

- मितौली इलाके के सुआताली गांव के दलित रमेश की 14 साल की बेटी अंजली को तेज बुखार था।

- एक हफ्ते से बुखार से तप रही बेटी के इलाज के पैसे भी गरीब बाप के पास नहीं थे।

- अंजली की हालत ज्यादा बिगड़ी तो जैसे तैसे रमेश अंजलि को लेकर सीएचसी पहुंचा।

- सीएचसी पर डॉक्टरों ने हालत गम्भीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां अंजली ने दम तोड़ दिया।

- रमेश ने अस्पताल के कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक से मिन्नतें कीं पर किसी का दिल नहीं पसीजा।

- गरीब बाप किसी तरह  अंजली के शव को लेकर बाहर आया।

- उसने बेटी की लाश को फुटपाथ पर रख दिया और अपनी गरीबी का खाली गमछा सामने बिछा दिया।

- राहगीरों और आसपास के दुकानदारों ने रमेश की दयनीय हालत और गरीबी देख जो हो सकी मदद की।

- किसी तरह रमेश अपनी बेटी की लाश को अपने गांव ले जा सका।  

- वायरल हो रही इस तस्वीर पर यूपी के समाजवाद और सिस्टम पर तमाम उंगलियां उठ रही हैं।

- सवाल उन समाजवादी एंबुलेंस सेवा पर भी हैं जो सरकार ने गरीबों कथित रूप से गरीबों की मदद के लिए शुरु की थीं।