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टेरर फंडिंग पर बैठक से पहले टेंशन में इमरान खान

दुनियाभर के आतंकियों के सुरक्षित पनाहगार बन चुका पाकिस्तान टेरर फंडिंग को लेकर टेंशन में है। पेरिस में कल से शुरू हो रही फाइनैंशनल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले पाकिस्तान की धुकधुकी बढ़ गई है

Imran Khan

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 अक्टूबर): दुनियाभर के आतंकियों के सुरक्षित पनाहगार बन चुका पाकिस्तान टेरर फंडिंग को लेकर टेंशन में है। पेरिस में कल से शुरू हो रही फाइनैंशनल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले पाकिस्तान की धुकधुकी बढ़ गई है। FATF की इस बैठक पर पाकिस्तान ही नहीं दुनियाभर की नजर है। कश्मीर पर प्रॉपेगैंडा फैलाने वाले पाकिस्तान को आतंकियों से हमदर्दी को लेकर ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल इसमें ग्रे लिस्ट में शामिल है।

फाइनैंशनल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF)ने  पाकिस्तान को 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया था और 27 पॉइंट का ऐक्शन प्लान देते हुए एक साल का समय दिया गया था। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी संगठनों की टेरर फाइनैंशिग को बैंकिंग व नॉन-बैंकिंग, कॉर्पोरेट व नॉन-कॉर्पोरेट सेक्टरों से रोकने के उपाय करने थे। अगस्त 2019 में एशिया पसिफिक जॉइंट ग्रुप ने पाकिस्तान को फेल पाया था।

जानकारी के मुताबिक सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज कमिशन ऑफ पाकिस्तान द्वारा तैयार की गई अनुपालन रिपोर्ट को पाक के आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर के सामने जांचा जाएगा। पाकिस्तान अगर FATF के 27 पॉइंट के प्लान को लागू करने में फेल होता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि पाकिस्तान की मीडिया में चल रही रिपोर्टों में दावा किया जा रहा कि वो ब्लैकलिस्ट होने से बच जाएगा। रिपोर्टों में पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पिछले महीने बैंकॉक में हुई एशिया पसिफिक जॉइंट ग्रुप की समीक्षा अच्छे तरीके से की गई है।

EFSAS ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से झूठे दावे किए गए हैं कि उसने आतंकवाद को प्रायोजित करने पर लगाम कसी है। कहा गया कि पाकिस्तान निश्चित रूप से ग्रे सूची में बना रहेगा, क्योंकि उसके द्वारा इस सूची से खुद को बाहर निकालने के लिए आवश्यक 15 वोट हासिल करना बहुत मुश्किल है। इस तरह से उसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। EFSAS ने कहा, 'अगर पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करने और अपने नकली मुद्रा कारखानों व नेटवर्क के माध्यम से इसे आर्थिक मदद देने के अपने इसी रास्ते पर रहता है तो उसकी स्थिति और भी खराब हो जाएगी।'

(Image Credit: Google)

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