'हिंदुस्तान का बंटवारा करने और पाकिस्तान बनाने के समर्थन में नहीं थे जिन्ना'

नई दिल्ली(4 मार्च): जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बंटवारे पर कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना हिंदुस्तान का बंटवारा करने और पाकिस्तान बनाने के समर्थन में नहीं थे। वो तो उस कमीशन की बात मानने के पक्ष में थे, जिसमें मुस्लिमों, अल्पसंख्यकों और सिखों के लिए खास अधिकार देने की बात कही जा रही थी। लेकिन जब देश के पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इसे नहीं माना तो देश का बंटवारा हुआ।

- चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जम्मू की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अब्दुल्ला ने कहा, ''जिन्ना साहब पाकिस्तान बनाने के समर्थन में नहीं थे, कमीशन में फैसला लिया कि हिंदुस्तान का बंटवारा नहीं करेंगे, हम मुसलमानों के लिए अलग से लीडरशिप रखेंगे, अल्पसंख्यकों और सिखों के लिए अलग से व्यवस्था रखेंगे, लेकिन देश का बंटवारा नहीं करेंगे।''

- ''जिन्ना ने कमीशन की बातों को मान लिया लेकिन जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इसे दरकिनार कर दिया। जब ऐसा नहीं हुआ तो जिन्ना ने पाकिस्तान मांगने की बात कर दी। नहीं तो ऐसा मुल्क कहीं नहीं होता, आज ना बांग्लादेश होता ना ही पाकिस्तान होता, भारत एक होता।''

-अब्दुल्ला ने आगे कहा कि उस समय जो नफरत के बीज बोए गए थे, उसकी कीमत देश को आज चुकानी पड़ रही है। हम कब तक धर्म, जाति और क्षेत्र के नाम पर लोगों को बांटते रहेंगे।