जेवर में किसानों को दिया जाएगा मुआवजा और नौकरी: सतीश महाना

नई दिल्ली (1 जून): जेवर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण नीति को पूर्ण रुप से तैयार कर लिया है। इस सब के बीच खबर आ रही है कि भूमि अधिग्रहण जिन किसानों की जमीन जाएगी उन्हें मुआवजे के साथ-साथ नौकरी भी दी जाएगी। यूपी में ये पहली बार हो रहा है जब भूमि अधिग्रहण के बदले किसान परिवारों को मुआवजा राशि के साथ नौकरी दी जाएगी।आपको बता दें कि एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में 8 गांवों की करीब 1,400 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के प्रस्तावों पर प्रदेश सरकार ने अधिग्रहण नीति तय कर ली है। एयरपोर्ट के लिए ली जा रही जमीन के बदले किसानों को मुआवजा मिलेगा।  आपको बता दें कि एयरपोर्ट का संचालन करने वाली सरकारी कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) में नौकरी भी मिलेगी। अगर किसान की उम्र अधिक होगी तो उसके आश्रित बालिग पुत्र या पुत्री को नौकरी मिलेगी। इसके लिए किसान को अपना आश्रित नामित करना होगा।मुआवजे को लेकर किसान संगठन सक्रिय हो गए हैं। किसान कई तरह की मांग रख रहे हैं। एक मांग है कि जमीन खरीदने वाले बाहरी लोगों को 60 प्रतिशत मुआवजा राशि दी जाए। बाकी 40 प्रतिशत मूल किसान को मिले। किसानों का कहना है कि कई गांवों में 50 % जमीन बाहरी लोगों ने खरीद रखी है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा है।मुआवजे को लेकर सरकार की ओर से साफ किया गया है कि मुआवजा दरें केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक ही रहेंगी। आपको बता दें कि हाल ही में सरकार ने अधिग्रहण प्रभावित आठ गांवों को शहरी क्षेत्र में घोषित कर दिया है। ऐसे में सरकार की तरफसे यहां के किसानों को सर्किल रेट से दो गुना ज्यादा मुआवजा दिया जा सकता है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि किसानों को उनकी जमीन के बदेल नौकरी और मुआवजा दिया जाएगा। उन्हें जरा भी तकलीफ नहीं होने दी जाएगी उनका ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है।