किसान मार्च: फारुख अब्दुल्ला बोले- 'पहले भी किसान रो रहा था, आज भी रो रहा है'

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 30 नवंबर ): दिल्ली में करीब एक लाख किसान कर्ज माफी और बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर रामलीला मैदान में जुटे हैं। किसानों के प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है। ऑल इंडिया संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमेटी (एआईकेएससीसी) के बैनर तले जुटे इन किसानों की सरकार से मांग है कि आगामी शीतकालीन सत्र में कृषि संकट पर संसद में चर्चा हो। किसानों का दावा है कि मौजूदा सरकार ने कृषि समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी उपाय नहीं किए हैं।  

किसानों को कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी प्राप्त है। एआईकेएससीसी का दावा है कि हाल के दिनों में राजधानी दिल्ली में किसानों का यह अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा है। किसानों का यह मार्च गुरुवार को आनंद विहार, निजामुद्दीन, बिजवासन रेवले स्टेशन और सब्जी मंडी से गुजरा। वहीं, किसान आज रामलीला मैदान से संसद भवन की ओर मार्च करने वाले हैं जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं। 

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है... के नारे से अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि पहले भी किसान रो रहा है। आज भी किसान रो रहा है। सड़क पर कई लोगों को रोका गया फिर भी बड़ी संख्या में आपने यहां पहुंचकर ताकत दिखाई। मुसलमान राम के खिलाफ नहीं है लेकिन जैसे ही चुनाव आता है ये राम के नाम पर वोट मांगने लगते हैं। ये हिंदुस्तान में बंटबारा हो रहा है। कश्मीर हिन्दुस्तान का था, है और हमेशा रहेगा। हमें हिंदुस्तान के साथ रहना है। ये हमारा देश है। हमारी मुसीबतें आपकी मुसीबतें हैं। हम आपके साथ खड़े हैं। पूरे देश के लोगों को इकट्ठा होकर सत्ता में बैठे लोगों को हटाना होगा। देश की आजादी के लिए हमने लड़ाई लड़ी। वतन के लिए अपना खून बहाने वालों की मांग थी कि ये देश सबका है। हम नफरत नहीं प्यार का हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आज किसान तोहफा नहीं अपना हक मांग रहा  है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दुस्तान के सामने दो बड़े मुद्दे हैं। एक मुद्दा किसान का भविष्य और दूसरा युवाओं के रोजगार का मुद्दा। उन्होंने कहा कि देश के 15 लोगों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए माफ किया गया है। अगर इनका कर्जा माफ हो सकता है, तो हिंदुस्तान के किसानों का कर्ज भी माफ किया जाना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी किसानों की रैली में पहुंचे, केजरीवाल ने नारेबाजी के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि आप दिल्ली आए। यहां का मुख्यमंत्री होने के नाते हम आपका स्वागत करते हैं। आप बार-बार दिल्ली आओ लेकिन हमें दुख है कि आप मुसीबत में हैं। अपना हक माँगने आये हैं। जिस देश का किसान भूखा हो वह देश कभी तरक्की नहीं कर सकता। बॉर्डर पर जवान और खेत में किसान दुखी है। भाजपा ने चुनाव से पहले वायदे पूरे नहीं किये। 

केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफेडेविट दिया है कि हम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं कर सकते। ये किसान आपके खिलाफ कयामत ढहा देंगे अगर ये हलफनामा वापिस नहीं लिया तो। किसानों का कर्ज माफ हो और स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से फसल का दाम किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 50 हजार प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया है। दिल्ली सरकार यह कर सकती है तो मोदी सरकार क्यों नहीं।   

केजरीवाल बोले, भाजपा ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नही की। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ हो और स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से किसानों को फसल का दाम मिलना चाहिए। किसानों भीख नहीं, खून पसीना बहाने का हक मांग रहे हैं। सरकार एमएसपी लागू कर देती हैं लेकिन उस दाम पर कोई फसल नहीं खरीद रहा। ऐसे में सरकार को किसान की फसल खरीदनी चाहिये।