MP में 3 दिनों में कर्ज से परेशान 4 किसानों ने की खुदकुशी

भोपाल (13 जून): कर्ज मांफी समेत अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे मध्य प्रदेश में किसानों के खुदकुशी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पिछले 3 दिनों 4 किसानों से कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। विदिशा के शम्साबाद में हरि सिंह जाटव ने खुदकुशी कर ली है।

मृतक के भाई गोविन्द जाटव के मुताबिक पिछले 40 साल पुराना बंटवारा था, लेकिन अब खेत तक नहर आ जाने से रिश्तेदारों की नीयत बदल गई और पटवारी को पैसे देकर गलत सीमांकन करा दिया। वहीं हम लोगों को इस बात की खबर तक नही लगने दी। आरोप है कि पटवारी ने भी बिना पूर्व सूचना के सीमांकन कर हरिसिंह की पौने 6 बीघा जमीन में से डेढ़ बीघा जमीन छीनकर दुसरो के हक में कर दी।

हरिसिंह ने इसी सदमे में सोमवार रात 9.30 बजे अपने गांव जीरापुर में जहर खा लिया, उसे परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से उसे रात करीब 12 बजे भोपाल रेफर कर दिया गया। भोपाल में उपचार के दौरान हरिसिंह ने रात 2.30 बजे दम तोड़ दिया। हरिसिंह के छोटे छोटे 4 बच्चे हैं।

इससे पहले होशंगाबाद जिले के सियोनी मालवा गांव में भी एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। इस किसान का नाम माखनलाल बताया जा रहा है। वहीं सोमवार को ही रेहटी तहसील में आने वाले ग्राम जाजना के एक किसान ने 6 लाख रुपए के कर्ज से तंग आकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। गौरतलब है कि बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंदसौर जाने वाले है। पिछले दिनों मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई थी, जिसके बाद माहौल काफी गरमा गया था और आंदोलन ने हिंसा रुप ले लिया था।

इसके बाद विरोध को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उपवास भी करना पड़ा था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हिंसा के लिए किसान जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की साजिश से आंदोलन हिंसक हुआ है। उन्होंने करीब 27 घंटे के बाद अपना उपवास तोड़ा था।