महाराष्ट्र: किसानों के आंदोलन ने लिया उग्र रूप, हो सकता है भारी संकट

नई दिल्ली ( 2 जून ): महाराष्ट्र के कम से कम सात जिलों के किसान का दूसरे भी आंदोलन जारी है। गुरुवार सुबह से इन किसानों ने कृषि से जुड़े उत्पादों को लेकर जा रही गाड़ियों का चक्का जाम कर दिया है। अब इसका असर अब बड़े पैमाने पर दिखना शुरू हो गया है। मुंबई, गुजरात और पुणे जैसे शहरों में सब्जी सप्लाई होती है।

     

वहीं किसानों ने कहा कि नासिक यार्ड में आए किसानों से इनका साफ कहना है कि 10 दिन में सरकार ने इनकी नहीं सुनी तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आंदोलन के उग्र होने के कारण नासिक के कुछ हिस्सों में धारा 144 लगा दी गई है। नासिक में 17 सब्जी मंडी बंद होने की खबर है। कुछ किसानों को हिरासत में भी लिया गया है।


कई किसानों ने शुक्रवार को अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने के लिए मुफ्त में लोगों को दूध वितरण किया। बता दें कि गुरुवार को कई किसानों ने हजारों लीटर दूध बहा दिए और सब्जियों व फलों की आपूर्ति रोक दी।


गौरतलब है कि मंगलवार को विभिन्‍न किसान संगठनों की एक राज्‍य स्‍तरीय समन्‍वय समिति 'किसान क्रांति मोर्चा' के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से मुंबई स्थित उनके आधारिक आवास पर मिले, मगर वार्ता विफल रही।


कृषि उत्‍पादों की गिरती कीमतों और अन्‍य संबंधित मुद्दों को लेकर किसान कर्ज से मुक्ति चाहते हैं। हड़ताल के कारण मुंबई और पुणे जैसे शहरों में सब्जियों, फलों इत्‍यादि को लेकर आम लोगों को दिक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है।