भूख से तड़पकर किसान ने तोड़ा दम, चार दिन से घर पर नहीं जला था चूल्हा

बांदा (4 मई): यूपी के बांदा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक किसान ने भीख से तड़कर अपनी जा दे दी। उसके परिवार में चार दिनों से चूल्हा नहीं जला था। हैरत की बात तो यह है कि सरकारी मदद भी उसकी मौत के बाद पहुंची।

जानकारी के मुताबिक, नरैनी तहसील के ऐला गांव के मुन्गूस पुरवा निवासी भूमिहीन किसान नत्थू के घर में पत्नी और छह बच्चे हैं। चार दिन से उसके घर में खाने के लिए दाना नहीं था। पूरा परिवार भूख से परेसान था। इसी दौरान नत्थू को जानकारी मिली कि गांव में ही सरकारी राशन के पैकेट बांटे जायेगा। 

राशन लेने के लिए वह भूखे पेट निकल पड़ा। रास्ते में एक हैण्डपम्प से पानी पीने लगा। बताया जा रहा है कि पानी पीते ही नत्थू गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी। आनन-फानन में समाजवादी राशन पैकेट मृतक के घर पहुंचा गया। उप जिलाधिकारी नरैनी ने कोटेदार से 35 किलो गेंहू व चावल भी भिजवा दिया। 

नत्थू की पत्नी मुन्नी ने बताया कि अंत्योदय कार्ड में मिलने वाला राशन इतने बड़े परिवार के लिए पर्याप्त नहीं होता है। जो अनाज मिलाता भी है, वह 15 दिन में खत्म हो जाता है। इसके बाद पड़ोसियों से मांगकर काम चलता है। उधर, प्रशासन के अफसरों का कहना है कि मौत भूख से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है।