किसानों की कर्जमाफी का फैसला सोच समझकर लें राज्य सरकारें: उर्जित पटेल


नई दिल्ली ( 7 जून ): रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुद्धवार को कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक के मिलेजुले प्रयासों से आर्थिक विकास दर को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी का फैसला बहुत सोच समझ कर लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी का एक रास्ता है, लेकिन इस पर फैसला बहुत सोच समझकर लेने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकारों को किसानों की कर्जमाफी को लेकर आगाह किया है।

आरबीआई गर्नर ने कहा कि यदि राज्य लगातार इसी तरह कृषि लोन माफ करते रहे तो सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा और फिस्कल सिचुएशन कंट्रोल से बाहर निकल सकती हैं। इसके साथ ही इससे महंगाई बढ़ने का रिस्क भी पैदा हो सकता है।आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि भले ही राज्य सरकारों का बजट उन्हें लोन माफी की अनुमति दे, लेकिन ऐसा करना उनके लिए रिस्की होगा।
 
आरबीआई ने अपनी बाईमंथली मॉनिटरी पॉलिसी का एलान करते हुए कहा, ‘कृषि लोन में माफी की घोषणाएं बढ़ने से सरकारी खजाने में कमी का जोखिम पैदा हुआ है। जिससे महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हुआ है। पटेल ने कहा कि लोन माफी के मामले बढ़ने से ऐसे राज्यों को तगड़ा झटका लग सकता है
जो बीते 2-3 साल के फिस्कल सख्ती के बाद सुधार की राह पर बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में पूर्व में हुए घटनाक्रमों से जाहिर हुआ था कि जब भी सरकारी खजाने में कमी हुई है तो तुरंत या बाद में महंगाई बढ़ी है। इसलिए इस दिशा में हमें काफी सतर्कता से आगे बढ़ने की जरूरत है और ऐसा हालात काबू से बाहर निकलन से पहले करने की जरूरत है।