भारत में जन्मे पाकिस्तान के मशहूर लेखक इंतिजार हुसैन का निधन

नई दिल्ली (3 फरवरी): भारत में जन्मे उर्दू के लघु कहानी लेखक, शायर और पत्रकार इंतिजार हुसैन का बुधवार को लाहौर में निधन हो गया। वह 93 साल के थे। पिछले सप्ताह उनकी हालत खराब होने के बाद उन्हें डिफेंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 

मशहूर लेखक इंतिजार हुसैन कहानी प्रेमियों के बीच बेहद सुपरिचित नाम है। उनका नाम पाकिस्‍तान के साथ ही भारत में भी बेहद अदब से लिया जाता रहा है। दोनों देशों के समकालीन उर्दू लेखकों के साथ उपन्यास और कहानीकार के रूप में भी वह पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय थे। 

रिपोर्ट के मुताबिक, इंतिजार का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के दिबाई में 7 दिसंबर 1923 को हुआ था। 1947 में वह लाहौर चले गए थे। 1946 में उन्होंने मेरठ कॉलेज से एमए (उर्दू) किया। 1988 में ‘डेली मशरीक’ से रिटायर होने से पहले उन्होंने कई अखबारों में काम किया।

उन्होंने 2013 में फिक्शन के मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार के लिए अंतिम दौड़ में 10 लेखकों की अंतिम सूची में जगह बनायी थी। अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित होने वाले वह पहले पाकिस्तानी और पहले उर्दू लेखक थे। उन्होंने ‘गली कूचे’, ‘कांकड़ी’, ‘दीन और दास्तान’, ‘शहर ए अफसोस’ ‘खाली पिंजरा’, ‘मोरेनामा’ ‘शहरजाद के नाम’ जैसी चर्चित किताबें लिखीं।