ट्रैफिक हवलदार बनना चाहते थे मशहूर गीतकार गुलज़ार

नई दिल्ली (25 अप्रैल): चप्पा-चप्पा चरखा चले...और दिल हूम-हूम करे जैसे कालजयी गीत लिखने वाले गुलजार की बचपन में ख्वाहिश थी कि वो बड़े होकर ट्रैफिक हवलदार बनें, लेकिन वो बन गये गीतकार। ये जानकारी खुद गुलजार ने बच्चों के सवालों के जवाब में दी।

दरअसल, गुलजार साहब एक एनजीओ की पत्रिका प्लूटो के विमोचन समारोह में संवाद के दौरान बच्चों से रू-ब-रू थे। बच्चों ने उनसे कई मासूम सवाल पूछे, जैसे कि बचपन में आप गलती करते थे कि नहीं, क्या बचपन में भी आप कविताएं लिखते थे...आपके अंदर शायरी का भाव कहां से आता है...आपका पहला सपना लेखक बनने का था या कुछ और...कविता लिखने के भी टिप्स होते हैं क्या..? ऐसे ही एक सवाल के जवाब में गुलजार ने कहा कि वो बचपन में ट्रैफिक पुलिस बनना चाहते थे, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस के एक इशारे पर सब रूक जाते थे।