टूट की कगार पर सपा सरकार, CM अखिलेश की कुर्सी भी खतरे में

नई दिल्ली (16 सितंबर): लखनऊ में शिवपाल के के सामने ही एसपी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के खिलाफ नारे लगे हैं।  शिवपाल के समर्थकों ने रामगोपाल को बाहर निकालों के नारे लगाए। आपको बता दें कि यूपी में समाजवादी पार्टी और सरकार टूट की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री और यूपी में एसपी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है। बात इतनी बढ़ चुकी है कि उनके बेटे आदित्य यादव ने भी प्रादेशिक को-ऑपरेटिव फेडरेशन के पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने शिवपाल के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है। शिवपाल के इस्तीफे के बाद से ही शिवपाल के समर्थक मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता उनके घर के बाहर डटे हुए हैं। समर्थकों ने शिवपाल के समर्थन में रात को भी नारे लगाए थे और आज  सुबह भी लगाए। 

अखिलेश और शिवपाल दोनों के लिए ये अब नाक की लड़ाई बन गई है। इसलिए ये पीछे हटने को तैयार नहीं। अब मुलायम सिंह यादव परिवार में सुलह के लिए कौन सा आखिरी दांव आजमाएंगे। इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। शिवपाल के लिए ये सम्मान की लड़ाई है, तो अखिलेश के लिए उनकी साख की। उनके राजनीतिक भविष्य की।  इशारों को समझें तो अखिलेश अब इस बात के लिए बिल्कुल तैयार नहीं कि सरकार के भीतर उनकी हैसियत डमी मुख्यमंत्री की हो और बार-बार कोई उनके कामकाज में दखल दे। सीएम के रूप में उनके विशेषाधिकार की अनदेखी करे और ये भी पार्टी की तरफ से कोई फैसला उन पर थोप दिया जाए।   अखिलेश ने ये भी साफ कर दिया था कि चुनाव में पसीना वो बहाएं और रणनीति तय करने की जिम्मेदारी शिवपाल के कंधे पर हो, ये नहीं चलेगा। सूत्रों की मानें तो कल शाम शिवपाल जब उनसे मिलने आए तब भी उन्होंने चाचा से साफ कहा कि दिल्ली में उनके खिलाफ बातें की जा रही थीं। अमर सिंह के यहां जिस पार्टी में ये सब चल रहा, था वहां आप भी मौजूद थे, ये नहीं चल सकता।  उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार में वो किसी बाहरी के दखल को किसी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे।    मुलायम सिंह यादव के इशारे तक को समाजवादी पार्टी में कल तक फरमान समझा जाता था। लेकिन शिवपाल यादव के मुद्दे पर अखिलेश मुलायम के आगे भी नहीं झुके। हालांकि सुलह-सफाई के लिए अखिलेश ने पूरी गुंजाइश बनाए रखी। कल मुलायम के दूत बनकर पहुंचे रामगोपाल यादव ने अखिलेश से दो घंटे बात की। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक वो 5 कालिदास मार्ग में रहे। इस दौरान स्टाफ औऱ चपरासी तक को बाहर कर दिया गया। अकेले में अखिलेश ने रामगोपाल यादव को अपनी पूरी तकलीफ बयान की। कहा कि अमर सिंह परिवार मे फूट डलवा रहे हैं और किस तरह दिल्ली मे दी गई पार्टी मे उनके खिलाफ साजिश रची गई, जिसे जान कर भी चाचा शिवपाल खामोश रहे।   अब देखना ये है कि शिवपाल के इस्तीफे के बाद अब समाजवादी परिवार और पार्टी के बीच चल रहे इस हाईवोल्टेज ड्रामे का क्लाइमेक्स क्या होता है।