बेटे का शव हासिल करने के लिए पांच महीने तक भटकते रहे मां-बाप

नई दिल्ली (18 सितंबर): बेटे का शव पाने के लिए एक परिवार पांच महीने तक भटकता रहा। जिले के अफसरों के साथ ही कैबिनेट मंत्री तक गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर परिवार अपना दर्द लेकर विदेश मंत्रालय में पहुंचा। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद दुबई से बेटे का शव शनिवार को उसके घर लाया जा सका। मामला प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के लाटतारा गांव में रहने वाले सुखराम मौर्या के परिवार का है। सुखराम का बेटा पंकज मौर्या एक कंपनी के माध्यम से नौकरी करने के लिए दुबई गया था। कंपनी की तरफ से फोन कर जानकारी दी गई कि नौ अप्रैल को पंकज की मौत हो गई है। घरवालों के मुताबिक उन्हें 11 अप्रैल को ये जानकारी दी गई। इसके बाद बेटे का शव पाने के लिए प्रतापगढ़ जिला प्रशासन से लेकर कैबिनेट मंत्री तक गुहार लगाकर परिवार थक गया, तक जाकर विदेश मंत्रालय की शरण में पहुंचा जहां से उसे राहत मिली। घरवालों का आरोप है कि बेटे के शव को घर पहुंचाने के लिए उनसे दो लाख रुपये मांगे गए। किसी तरह से रुपये इकट्ठा कर कंपनी के एकाउंट में भेजे  इसके बाद कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी और फोन भी उठाना बंद कर दिया। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद शनिवार को पंकज का शव घर आया।