प्रतिबंध के बाद कतर में रह रहे लोगों के सामने खड़ी हुई ये मुश्किलें

नई दिल्ली (12 जून): सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र और बहरीन ने कतर के साथ सभी राजनयिक-कूटनीतिक संबंध तोड़ने का ऐलान किया। इन देशों का आरोप है कि कतर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। इन चारों देशों ने कतर के साथ अपने समुद्री और वायु संपर्क तोड़ने लिया है।

यह क्षेत्र में हाल के सालों में पैदा हुआ सबसे बड़ा राजनयिक संकट है। कतर संकट ने खाड़ी देशों के साथ पूरे विश्व की राजनीति को हिला कर रख दिया है। यहां अन्य देशों के रह रहे लाखों लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

प्रमुख अरब देशों द्वारा ईंधन समृद्ध देश कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने और उसे अलग-थलग करने की कोशिश से उपजे संकट की वजह से कतर में सालों से रह रहे लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

कतर में सालों से रह रहे इन देशों के लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई। अब इन लोगों को अपना सबकुछ छोड़कर वापस जाना अपने देश जाना पड़ रहा है।

कुछ लोगों को कहना है जहां घर है वहां आपका दिल है और कतर जहां मेरा दिल है यह मेरा घर है। कतर में बाहर से पढ़ाई करने आए छात्रों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है और अब उनको अपनी पढ़ाई और कतर छोड़कर जाना पढ़ रहा है।

खाड़ी देशों के कतर के साथ हवाई और अन्य परिवहन संपर्क भी बंद कर करने के बाद यहां पर खाने की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। खाने की समस्या को देखते हुए ईरान ने पांच विमानों में भरकर कतर में भोजन भेजा है।

आपको बता दें कि खाड़ी देशों का आरोप है कि कतर देश में कथित रूप से आईएस आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। बहरीन, सऊदी अरब, लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे तमाम खाड़ी देशों ने कतर से राजनैतिक और राजनयिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं।