गांववालों की अनूठी मुहिम: घर की पहचान के लिए दरवाजों पर बेटियों की नेमप्लेट

नई दिल्ली (30 जुलाई): छत्तीसगढ़ के कुछ गांवों में प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम की सोच को साकार करने के लिए लोगों ने एक अनूठी पहल की है। स्थानीय प्रशासन की मुहिम के तहत लोगों ने अपने घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई है। इस मुहिम का मकसद है कि लड़कियों की शिक्षा एवं समाज में उनकी पहचान को सशक्त किया जा सके। 

- रिपोर्ट के मुताबिक, बालोद जिले के गांवों में यह मुहिम चलाई गई है। - माओवाद से आंशिक रूप से प्रभावित बालोद जिले में डेढ़ महीने पहले इस पहल की शुरूआत की गई थी। - इसके तहत गांवों के घरों के बाहर परिवार की छात्राओं की नेमप्लेट लगाई गई हैं। - बालोद के कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने बताया, "लोगों को बच्चियों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए और लड़कियों में साक्षरता बढ़ाने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है।" - उन्होंने कहा कि बालोद के विभिन्न गांवों में विभिन्न आयु वर्ग की करीब 2,700 लड़कियों के नाम की पट्टियां उनके घरों के बाहर लगाई गई हैं। - राणा ने बताया कि स्थानीय जन प्रतिनिधियों, सरपंच एवं अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम की सोच को साकार करने के मकसद से यह मुहिम शुरू की गई।  - उन्होंने कहा कि कम अवधि में ही इस मुहिम के 12 ग्राम पंचायतों में सफल परिणाम देखने को मिले हैं।