तेल के बढ़ते दामों से आप हो रहे हैं कंगाल, राज्य सरकारें हो रही हैं मालामाल


न्यूज 24 ब्यूरो, मनीष कुमार, नई दिल्ली ( 11 सितंबर ): प्रेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत बंद और सरकार पर चौतरफा दबाव के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतों का बढ़ना जारी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार जारी रिकॉर्ड बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी उथल-पुथल को जिम्मेदार ठहरा रही है।

इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्या घोष ने कहा एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकारों के पास पेट्रोल की कीमत 3.20 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 2.30 रुपए कम करने की गुजाइंश है। राज्य सरकारें चाहें तो कीमत कम कर सकती हैं।

मार्च 2018 के बाद पिछले 6 महीने में पेट्रोल 5.60 रूपये और डीजल 6.31 रूपये प्रति लीटर दिल्ली में महंगा हुआ है। महाराष्ट्र में पेट्रोल की कीमत 89 रूपये तक पहुच चूकी है। अलग-अलग वैट की दरें पेट्रोल डीजल पर राज्यों द्वारा वसूले जाने के कारण इस वित्त वर्ष में राज्यों को उनके बजट अनुमान से 22,700 करोड़ रूपये का विंडफॉल गेन (अतिरिक्त राजस्व) प्राप्त होने का अनुमान है।

1 डॉलर कच्चा तेल के महंगा होने पर 19 बड़े राज्यों को 1513 करोड़ रूपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है। इस अतिरिक्त राजस्व से राज्यों के वितीय घाटे में 15 से 20 बेसिस पॉइंट कमी होने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों को उनके बजट अनुमान से ज्यादा राजस्व मिलेगा इसके चलते राज्य सरकारों के पास पेट्रोल की कीमत 3.20 रूपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 2.30 रूपये प्रति लीटर तक घटाने की गुंजाइश है। दाम घटाने के बावजूद महाराष्ट्र पंजाब तमिल नायडू जैसे राज्यों के बजट अनुमान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।