बांग्लादेश सीमा से होकर ही देश आए 80 फीसदी जाली नोट

नई दिल्ली (18 फरवरी): एनआईए की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में घुसने वाले 80 फीसदी जाली नोट मालदा से लगी बांग्लादेश सीमा से होकर ही देश में आए थे।

इस जिले की लगभग 172 किमी लंबी सीमा पड़ोसी देश से सटी है और कंटीले तारों की बाड़ नहीं होने की वजह से उनमें से कुछ जगहों पर सीमा पार करना बेहद आसान है। यहां पहुंचने वाले नोटों में से लगभग 60 फीसदी नोट पाकिस्तान में छापे गए थे। वहां से यह नोट समुद्री रास्ते से बांग्लादेश पहुंचते थे और वहां से स्थानीय लोग तस्करी के जरिए उनको कालियाचक के रास्ते भारत में ले आते थे।

इलाके की पूरी अर्थव्यवस्था ही जाली नोटों के धंधे पर टिकी थी।" इन नोटों की बरामदगी के आंकड़े खुद इस बात की पुष्टि करते हैं।वर्ष 2013 में जहां इस इलाके से सुरक्षा एजेंसियों ने 1.4 करोड़ के जाली नोट जब्त किए थे वहीं 2014 में यह आंकड़ा 1.5 करोड़ तक पहुंच गया। वर्ष 2015 में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद यह आंकड़ा लगभग 3 करोड़ तक पहुंच गया। चालू वर्ष के दौरान अक्तूबर तक उस इलाके से 1.15 करोड़ के जाली नोट बरामद हो चुके हैं।