करोड़ों के नकली सिक्के बनाने वाला गिरफ्तार, लगा रखी थी 5 फैक्ट्री

नई दिल्ली (28 दिसंबर): स्पेशल सेल की टीम ने 5 और 10 रुपये के नकली सिक्कों के मास्टरमाइंड स्वीकार लूथरा को गिरफ्तार किया है। लूथरा मोहन गार्डन में मारुति सेलेरियो कार में आया था, जहां से उसे पुलिस ने हिरसत में लिया। उसकी कार से 5 और 10 रुपयों के 17,390 रुपये के सिक्के भी बरामद हुए।

लूथरा ने देश में कई जगह नकली सिक्के बनाने की यूनिटें लगाईं और खुद नेपाल में नकली सिक्के बनाकर भारत भेजता था।

- लूथरा ब्रदर्स का नेटवर्क नकली सिक्के बनाकर उनकी सप्लाई तीन राज्यों के टोल बूथों पर करता था।

- इन सभी बूथों पर टोल 55 या 75 रुपये में था, जिससे कि वहां पांच रुपये की जरूरत पड़ती थी।

- इन सभी बूथों पर जिन बोरों में नकली सिक्के भेजे जाते थे, उन पर सरकारी टकसाल, नोएडा लिखा होता था। - इन टोल बूथों के कुछ लोगों से इस रैकेट के मेंबर नरेश के लिंक थे। नरेश नकली सिक्कों के बोरे को अपनी कार में भरकर ले जाता था।

- स्वीकार लूथरा ने 2015 के बाद पांच जगहों पर नकली सिक्के ढालने की यूनिट बनाई थीं।

- बवाना में नरेश को फ्रंटमैन बनाकर स्वीकार लूथरा ने यूनिट लगाई थी।

- नरेश को आउटर दिल्ली की पुलिस ने गिरफ्तार कर 40 हजार रुपये के नकली सिक्के बरामद किए थे।

- दूसरी फैक्ट्री अंबाला में थी। स्वीकार ने इसके लिए कच्चा माल भिवानी निवासी गुलशन और सचिन को दिया था। स्पेशल सेल ने अक्टूबर में इन दोनों को गिरफ्तार कर उनसे 5.85 लाख के नकली सिक्के बरामद किए थे।

- तीसरी फैक्ट्री पीरागढ़ी में थी। यहां स्वीकार ने अपने एजेंट संजय के माध्यम से यह काम शुरू किया। यह यूनिट भी रेड के बाद बंद हो गई।

- इन तीनों के अलावा राजस्थान में लक्ष्मणगढ़ में दिनेश और नवलगढ़ में रामजीलाल के माध्यम से यूनिट लगाई गई थी।