सबसे आखिर में जाती है सुनने की शक्ति: जानें मृत्यु से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां...

नई दिल्ली (28 सितंबर): जब भी कोई जीव या इंसान इस धरती पर जन्म लेता है तो उसकी मौत होना एक अटल सत्य है। इसे झुठलाना नामुमकिन है। आज हम आपको मृत्यु से सम्बंधित कुछ ऐसे इंटरेस्टिंग फैक्ट्स बता रहे है जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे।

जानें मृत्यु से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां...   1. मरने पर हमारी बॉडी के ऑर्गन्स एक-एक कर काम करना बंद करते हैं। सबसे आखिर में इंसान की सुनने की शक्ति खत्म होती है। इसका मतलब है, दिल की धड़कन रुकने के बाद भी डेड बॉडी का दिमाग आसपास चल रही बातों को सुन सकता है।

2. मरने के बाद भी हमारी बॉडी के अंदर कुछ चेंजेस होते रहते हैं। सांसें रुकने के 3 दिन बाद डाइजेस्टिव एंजाइम्स बॉडी को अंदर से खाना शुरू कर देते हैं। यानी की जो एंजाइम पेट में आपके खाने को पचाते थे वो आपके आंतों को पचाने लगते हैं।

3. लेफ्ट हैंड का इस्तेमाल करने वाले वाले इंसान राइट हैंड यूज करने वालों के मुकाबले 3 साल कम जीते हैं।

4. न्यूयॉर्क को रंगीन जिंदगी के लिए जाना जाता है। पर आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि यहां मर्डर से ज्यादा मौतें सुसाइड की वजह से होती है।

5. दुनिया में हर साल करीब 7 हजार लोगों की मौत प्रिस्क्रिप्शन पर लिखी दवा का नाम समझ नहीं आने की वजह से होती हैं। मेडिकल स्टोर वाले ऐसी हालत में गलत दवाइयां पकड़ा देते हैं।

6. US में हर घंटे एक इंसान की मौत ड्रिंक एंड ड्राइव की वजह से होती है।

7. आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया में हर साल सिर पर नारियल गिरने से होने वाली मौतें शार्क के अटैक से होने वाली मौतों के मुकाबले ज्यादा है।

8. हर दिन किसी न किसी वजह से पूरी दुनिया में करीब 1 लाख 53 हजार लोगों की मौत होती है।

9. दफनाने की प्रक्रिया कुछ 350000 साल पुरानी है।

10. जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है उसकी सुनने की शक्ति सबसे आखिर में जाती है।

11. वेंडिंग मशीन के शरीर पर गिरने से हर साल तेरह लोगों की मौत होती ही है।

12. हम 270 से ज्यादा हड्डियों के साथ पैदा होते हैं पर मृत्यु के वक्त ये बस 206 ही बचती हैं।

13. ब्रिटेन में हाउस ऑफ पार्लियामेंट में मरना गैर-कानूनी है।

14. दिमाग की को‌शिकाएं ऑक्सिजन ना मिलने की कमी से तीन मिनट में मर सकती हैं।

15. मिस्र में जब एक मृत आदमी की ममी बनाई जा रही थी तब उसके दिल को निकालकर उसकी जगह पत्‍थर के एक दिल को बनाकर भर दिया गया था।

16. मौत के दो से छह घंटे के बाद पूरा शरीर अकड़ जाता है।

17. दिल के काम ना करने की स्थिति में चमड़ी का रंग सफेद और बैंगनी में बदल जाता है।

18. कॉकरोच का सिर कट जाने के बाद भी नौ दिनों तक जिंदा रह सकते हैं।

19. प्राचीन मिस्र में लोग अपनी बिल्ली के मरने पर अपनी भौंए छिलवा लेते थे।

20. कुछ कंपनियां इस फिराक में भी हैं कि वो आपकी प्रियजनों के मृत्यु के बाद उनके कुछ कणों को अंतरिक्ष में भेज सकें। ऐसा काम वो तगड़ी फीस के साथ ही करेंगे।

21. मौत के बाद भी किसी-किसी पुरुष में इरेक्‍शन देखी जा सकती है।

22. ऐसे कई मामले प्रकाश में आएं हैं जहां व्यक्ति को मृत घोषित कर देने के बाद भी उसके बाद में जिंदा होने की बात को पाया गया।

23. माउंट एवरेस्ट पर लगभग दो सौ मृत लोगों के शरीर पड़े हुए हैं, इनमें से कुछ तो अब ऊपर जाने के लिए लैंडमार्क माने जाते हैं। यह जगह रेनबो वैली कहलाती है।

24. हर चालीस सेकेंड में कोई ना कोई आत्महत्या कर ही लेता है।

25. हर नब्बे सेकेंड में बच्‍चा पैदा करते हुए एक मां की मौत हो जाती है।

26. हर मिनट बॉडी में 20.35 मिलियन सेल्स मर जाते हैं।

27. हाथ और पैरों के नाखून मृत्यु के बाद नहीं बढ़ते। लेकिन चमड़ी के सूख जाने की वजह से नाखूनों को देखकर ऐसा लगता है कि वो मृत्यु के बाद भी बढ़ रहें हों।

28. भारत एक ऐसा देश है जहां बेटियों के विवाह के लिए धन देना पड़ता है, जिसे दहेज कहा जाता है। दहेज न मिलने के कारण लोग बहुओं को मार देते हैं और हिंदुस्‍तान में हर घंटे एक महिला की मृत्‍यु का कारण दहेज ही होता है।

29. पूरी दुनिया में चिकित्‍सा विज्ञान काफी आगे निकल गई है लेकिन आज भी 440,00 लोग हर साल सिर्फ इलाज की खामियों की वजह से मर जाते हैं।

30. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक, आठ में से एक मौत का कारण वायु प्रदूषण है। भयानक वायु प्रदूषण के कारण फेंफडों में गंदी हवा जाती है और उसके जरिए शरीर के खून में भी गंदी हवा चली जाती है।

31. ब्रिटेन में एक कम्‍पनी है – ”रेंट ए मॉउरनर” जो अंतिम संस्‍कार के दौरान लोगों को किराए पर देती है, ये लोग बहुत एक्‍सपर्ट होते हैं और ठीक रिश्‍तेदारों की तरह ही शोक व्‍यक्‍त करते हैं। ऐसी ही कुछ प्रथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी है। जहाँ किसी की मृत्यु पर रोने के लिए औरतें बुलाई जाती है जिन्हें रुदाली कहते है। इसी प्रथा पर “रूदाली” नाम से एक फिल्म भी बनी थी।

32. एक प्रकार की जेली फिश जिसे ट्यूरीटोप्सिस न्यूट्रीकुला (Turritopsis nutricula ) कहते है अमर होती है। इसे अगर कोई शिकारी उदरस्थ न कर ले या फिर यह दुर्घटना वश या बीमारियों के चपेट में जान गंवा न बैठे तो यह अमर है। यह प्रजाति जवान होने पर यानी अपने जीवन काल के मेड्यूसा अवस्था से फिर अपने बाल्यकाल अर्थात पालिप अवस्था को लौट चलने की अद्भुत बेमिसाल क्षमता रखती है।