फेसबुक फ्रेंड बनाने से पहले जरूर पढ़ें ये खबर...

नई दिल्ली (25 जनवरी): फेस बुक पर अपना कुनबा बढ़ाने वाले लोग जरा सावधान हो जायें। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ईवाल्यूशनरी साइकोलॉजी के प्रोफेसर रॉबिन डनबर कहते हैं कि फेसबुक और बाकी सोशल साइट्स पर बने दोस्तों को आपके सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है। न वो आप पर भरोसा करते हैं और न ही आपके भरोसे की उन्हें कोई जरूरत है।

रॉबिन डनबर ने फेसबुक दोस्तों की प्रोफाइल पर शोध करने के बाद लिखा है कि सोशल साइट्स पर बने सौ दोस्तों में से केवल चार ही ऐसे होते हैं जो आपसे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हो सकते हैं। बाकी सिर्फ दिखावे के लिए अपनी फ्रेंड लिस्ट को बढ़ाते रहते हैं। रॉबिन डनवर यह भी लिखते हैं कि कुछ लोगों को सोशल साइट पर लम्बी फ्रेंड लिस्ट फोबिया भी होता है।