गली-गली घूम कर कहानियां सुनाता है गांधी जी की शहादत का चश्मदीद

नई दिल्ली (26 जनवरी): वो खुद को गांधी जी की हत्या का चश्मदीद बताते हैं। उम्र लगभग 88 साल है। उनका नाम शिव बालक राम चंद्रवंशी है। बिहार के रहने शिव बालक बताते हैं नाथू राम गोडसे ने गांधी जी को मेरे सामने ही गोली मारी थी। शिव बालक उन क्षणों को याद करके फफक-फफक कर रो पड़ते हैं। वो कहते हैं गोली चलते ही मैं जोर से चिल्लाया...अरे बापू को कोई तो बचाओ...हर तरफ सन्नाटा था, फिर लोगों का हुजूम घटनास्थल पर उमड़ पड़ा।

कुछ ने गांधी जी को पकड़ा तो कुछ ने नाथूराम गोडसे को...गांधी जी के मुंह से आखिरी बार शब्द निकले 'हे राम'... और वे दुनिया से चल बसे। शिवबालक कहते हैं कि उसके बाद वो वापस बिहारशरीफ आ गये। हर गण्तंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर में घूम-घूम कर लोगों को बापू की कहानियां सुनाते हैं।