ज्यादा झपकती है पलकें यानी बीमार हैं आप

नई दिल्ली(15 मार्च): अगर आपकी पलकें 1 मिनट में 10 बार से ज्यादा झपकती हैं तो आपको चेत जाने की जरुरत है। अगर ऐसा है तो यह ब्लेफरोस्पाज्म बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।

-  इस बीमारी में पलकों को बार-बार झपकने से न केवल दर्द होता है, बल्कि आंखों की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इस कारण नेत्रहीनता का खतरा बढ़ जाता है। 

- मांसपेशियों की सिकुड़न के कारण पलकें पूरी तरह बंद हो सकती हैं, जिससे आंखें और नजरों के पूरी तरह सामान्य होने के बाद भी व्यावहारिक नेत्रहीनता उत्पन्न हो सकती है।  - ब्लेफरोस्पाज्म बीमारी से एक या दोनों आंखें प्रभावित हो सकती हैं। कभी कभी इस समस्या से व्यक्ति के चेहरे की बनावट भी बदल जाती है, लेकिन उसके देखने की क्षमता प्रभावित नहीं होती। आगे चलकर यह मांसपेशियों, नसों, मस्तिष्क या आंखों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

- जन्म से संबंधित: शिशु की मांसपेशियों के विकास में समस्या आने से ऊपरी पलक में ब्लेफरोस्पाज्म हो जाता है। अगर पलक झपकने से बच्चे को देखने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत सर्जरी करानी चाहिए नहीं तो आगे चलकर आंखों की रोशनी जा सकती है।

- बूढ़ापे से संबंधित: उम्र बढ़ने से ब्लेफरोस्पाज्म होना आम है। उम्र बढ़ने से लीवेटर टीशू के पलकें उठाए रखने के काम में रुकावट आती है। इस उम्र में आमतौर पर दोनों आंखें प्रभावित हो जाती हैं।