बिहार में बेखौफ अपराधी, DIG से मांगी रंगदारी

पटना (28 जून): अब तक आपने सुना होगा कि डॉक्टर, इंजीनियर या फिर किसी व्यापारी को रंगदारी के लिए कॉल आई हो। लेकिन अगर हम आपको कहें कि बिहार में डीआईजी को रंगदारी की कॉल आती है, तो आप क्या क्या कहेंगे। मामला सिर्फ एक डीआईजी को रंगदारी कॉल का नहीं है, मसला बिहार में अपराधियों के बढ़ते हौसले का है, जहां आम आदमी तो सुरक्षित नही हैं। बल्कि पुलिस आला अधिकारियों से भी रंगदारी मांगी जा रही है।

अब इसे जंगलराज कहें या ना कहें, कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता। असली बात तो ये है कि बिहार में अब डीआईजी के लेवल के अधिकारियों से भी रंगदारी मांगी जा रही है। मामला हाईप्रोफाइल तो है ही, इसके साथ ही नीतीश कुमार के उन दावों की पोल खोलता है। जिसमें वो दावा करते हैं कि बिहार में कानून का राज है। ये मामला बताता है कि बिहार में अपराधियों को हौसले बेहद बुलंद हैं और इतने बुलंद है कि वो डीआईडी जैसे अधिकारी से भी रंगदारी मांग सकते हैं।

पुलिस में दर्ज शिकायत की माने तो डीआईजी चंद्रिका प्रसाद के मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने 20 लाख रुपए रंगदारी मांगी। कॉल करने वाले डीआईजी को रंगदारी ना देने की सूरत में जान से मारने की धमकी भी दी। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ये तो बात हुई कानूनी कार्रवाई की, लेकिन मौका सियासत का भी हैं। बीजेपी को एक और मौका मिला है, ये बताने को कि बिहार में जंगलराज आ गया है। वहीं नीतीश के सिपहसलारों को सरकार का बचाव करना है। 

बहरहाल सियासत होती रहती है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि जब बिहार में डीआईजी जैसे अधिकारी से रंगदारी मांगी जा रही है। तो कैसे मान लिया जाए कि बिहार में जंगल नहीं मंगलराज है।