'ट्विटर मंत्री' के आरोप पर सुषमा का पलटवार, कांग्रेस की सरकार में संभ्रांत मंत्रालय बना हुआ था विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली ( 28 मई ): भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ट्विटर पर एक्टिव रहकर लोगों की मदद करती हैं। उन्होंने ने कई मौकों पर ट्विटर पर लोगों की अलग-अलग समस्याओं का समाधान किया है। देश से दूर कहीं विदेश में फंसे जरूरतमंद भारतीय की भी उन्होंने ट्विटर के माध्यम से मदद की है। इसको लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। इस संबंध में सोमवार को जब उनसे जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि हमने लोकनीति को विदेश नीति से जोड़ने का काम किया है।दरअसल, सोमवार को सुषमा स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार के 4 साल पूरे होने पर अपने मंत्रालय की उपलब्धियों को गिनाया। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस का आरोप है कि विदेश मंत्रालय पूरी तरह पीएमओ में स्थानांतरित हो गया है और मंत्री को केवल ट्विटर हैंडल के साथ छोड़ दिया गया है और सुषमा स्वराज सिर्फ ट्विटर संभाल रही हैं। सोमवार को इस मुद्दे पर सुषमा स्वराज ने कांग्रेस पर पलटवार किया।सुषमा ने कहा कि कांग्रेस के वक्त में विदेश मंत्रालय संभ्रांत मंत्रालय बना हुआ था, जिसका लोगों से कोई वास्ता नहीं था। हमने अब ट्विटर के जरिए लोगों से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मैं 41 साल से राजनीति में हूं, 11 चुनाव लड़े हैं मुझे लोगों की समस्या पता है। जो लोकसभा से आता है, उसे लोगों का दुख दर्द पता होता है और उस दर्द का निवारण करना मेरी विदेश नीति की पहली प्राथमिकता थी।सुषमा स्वराज ने कहा कि हमने विदेश नीति में ये नया रूप डाला है और विदेश नीति को लोकनीति से जोड़ा है। अगर आप देशवासियों और जो लोग फंसे थे उनसे पूछोगे तो आपको पता चलेगा। ये लोग हमारा मज़ाक उड़ा रहे हैं, लेकिन जिस दिन कोई इनके घर का फंसेगा उस दिन पता चलेगा कि ट्विटर का महत्व क्या है।इस दौरान सुषमा ने कहा कि हमने विदेश नीति को लोक नीति बनाया, मैं खुद ट्विटर पर लोगों के संपर्क में रहती हूं। सुषमा ने कहा कि लोगों की शिकायत आने पर न तो मैं खुद सोती हूं और न ही अपने राजदूतों को सोने देती हूं।गौरतलब है कि पिछले चार साल में ऐसे कई मौके आएं हैं जब सुषमा ने ट्विटर के जरिए ही लोगों की मदद की है। आपको बता दें कि ट्विटर पर सुषमा स्वराज भारत में सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली महिला नेताओं में से एक हैं। ट्विटर पर उनके एक करोड़ दस लाख से भी अधिक फॉलोवर हैं।